जींद। डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने सोमवार को बड़ौदी पहुंचकर निर्माणाधीन जलघर का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करवाया जाए। वहीं निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
डिप्टी स्पीकर डॉ. मिड्ढा ने कहा कि बड़ौदी में करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन जलघर परियोजना से शहर की पेयजल व्यवस्था होगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहरवासियों को भाखड़ा का स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा।
परियोजना से आगामी करीब 50 वर्षों तक शहर की पेयजल जरूरतें पूरी होने की उम्मीद है। वाटर वर्क्स के साथ आवश्यक पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इससे पहले लोक निर्माण विश्राम गृह में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में डिप्टी स्पीकर ने कहा कि जींद बाईपास पर करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में लाइटिंग और ब्यूटीफिकेशन का कार्य करवाया जा रहा है।
इससे शहर के प्रवेश द्वार अधिक आकर्षक दिखाई देंगे। उन्होंने एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्रमुख सड़कों की नियमित निगरानी करने और खराब सड़कों की तुरंत मरम्मत करवाने के निर्देश दिए।
यातायात की जरूरत के अनुसार नियमानुसार स्पीड ब्रेकर बनाने को भी कहा। उन्होंने बताया कि गांव हैबतपुर में मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद जींद के साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इस दौरान डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एडीसी प्रदीप कुमार, जिला नगर आयुक्त अनिल दून, पब्लिक हेल्थ के अधीक्षक अभियंता भानू प्रकाश, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता आरके नैन भी मौजूद रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
डॉ. मिड्ढा ने कहा कि विकास केवल शहर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। गांवों में भी सड़क, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाए। अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।
कंडम बिजली तारें बदलने और अंडरग्राउंड केबलिंग पर फोकस
बिजली निगम अधिकारियों को शहर में पुरानी और कंडम तारों का सर्वे करवाकर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदलने को कहा गया। बाजारों और प्रमुख क्षेत्रों में अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने की दीर्घकालीन योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।