दस्तावेज पूरा होने के बाद ही सरसों बेच पाएंगे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद/ उचाना। सरकार द्वारा तय की गई तारीख के अनुसार मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत पंजीकृत सरसों की खरीद 28 मार्च से उचाना और जींद की मंडी में शुरू होगी। हैफेड द्वारा उचाना में हरियाणा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी की दुकान पर सरसों खरीदी जाएगी। सरसों बेचने के लिए किसानों की राह इतनी आसान नहीं है। जितनी सरसों को पकाने में है। इसके लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक खाते की कॉपी, आईएफएससी कोड और बैंक का नाम, पासपोर्ट साइज का फोटो हैफेड के कर्मचारी को उपलब्ध करवाना होगा। अगर इनमें से एक भी दस्तावेज किसान सरसों बेचने के लिए साथ नहीं लाया तो किसान अपनी सरसों नहीं बेच पाएगा।
सरसों का सरकारी रेट 4200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। खरीद के लिए तिथिबद्ध योजना तैयार की गई है। इसके लिए किसानों को डीसी ने सलाह दी है कि वह निर्धारित तिथि को ही अपनी सरसों मंडी में बेचने के लिए लाएं। सरसों बेचने के लिए किसान को फसल की गिरदावरी, खाता खतौनी नंबर जो पटवारी व तहसीलदार द्वारा सत्यापित हो, साथ लेकर आना होगा। जिसमें इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि किसान ने कितने एकड़ स्वयं की जमीन या लीज जमीन पर सरसों की बिजाई की है। प्रत्येक किसान से एक दिन में एक एकड़ की 6.5 क्विंटल व अधिकतम 25 क्विंटल सरसों खरीदी जाएगी। दोनों ब्लॉकों के 107 गांवों के किसानों की 28 मार्च से 22 अप्रैल तक सरसों खरीदी जाएगी। हैफेड ने 13 साल पहले 2005 -2006 में सरसों की सरकारी खरीद की थी। हैफेड के दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 2005 में 85 हजार क्विंटल, 2006 में 45 हजार क्विंटल सरसों खरीदी गई थी।