नप को पकड़ने है दो हजार बंदर, टेंडर में रेट अधिक आने पर हुए रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बंदरों के उत्पात से परेशान शहर के लोगों को अभी राहत नहीं मिलेगी। हालांकि पिछले साल नवंबर महीने में हुई मीटिंग में नगरपरिषद में बंदरों को पकड़े का प्रस्ताव पास किया गया था लेकिन इसके लिए आए टेंडर के रेट अधिक होने के कारण इसे रद्द कर दिया था। अब इसके लिए दोबारा से प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शहर में करीब छह हजार बंदर हैं लेकिन वन्यप्राणी विभाग से नगर परिषद को दो हजार बंदर पकड़ने की अनुमति मिली हुई है। हालांकि शहर में अधिकतर बंद बीड़ बड़ा वन में ही हैं लेकिन कई बार हांसी रोड और भिवानी रोड जैसे क्षेत्रों में बंदर आ जाते हैं। फिलहाल शहर में बंदरों का आतंक ज्यादा नहीं है। वहीं नगरपरिषद द्वारा मांगे गए टेंडर में दो ही फर्मों ने टेंडर दिए, जिसमें दोनों एक बंदर पकड़ने के लिए 800 रुपये से अधिक की कीमत मांगी जबकि नगरपरिषद अधिकारी चाहते हैं कि प्रति बंदर का खर्च 800 रुपये से कम रहे। इसके चलते टेंडर रद्द कर दिया गया था। चेयरपर्सन पूनम सैनी के अनुसार टेंडर रद्द कर दिया था, क्योंकि कीमत अधिक थी, अब इसके लिए दोबारा से प्रक्रिया शुरू की जाएगी।