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जींद-पानीपत रेललाइन पर हुआ विद्युतीकरण का काम पूरा

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जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण का काम पूरा
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है। इसके लिए रेलवे ने प्रोजेक्ट पर 80 करोड़ रुपये की राशि खर्च की है। 26 फरवरी को ट्रायल के लिए इलेक्ट्रिक इंजन चलाया जाएगा। अगर इस दौरान सब कुछ सही पाया गया तो जल्दी ही रेलवे सीआरएस शैलेश कुमार पाठक जांच के लिए आएंगे। इसके बाद जींद-पानीपत रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन से गाड़ियां चलाई जाएंगी। जिससे यात्रियों को समय की बचत होगी और धुएं से भी राहत मिलेगी। जींद-पानीपत रूट पर आठ से दस हजार यात्री हर रोज सफर करते हैं। जींद से पानीपत के बीच अभी लगभग दो घंटे का समय लगता है। इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने के बाद इस रूट पर 30 से 40 मिनट की बचत होगी।
रेल मार्ग से जींद से पानीपत की दूरी 60 किलोमीटर है। विद्युतीकरण के लिए हर एक किलोमीटर पर 20 पोल लगाए गए हैं। इस प्रकार 60 किलोमीटर के सफर में लगभग 1200 पोल का इस्तेमाल तार बिछाने के लिए किया गया है। जींद-पानीपत के बीच 14 स्टेशन आते हैं। जींद से चलकर रेल जींद सिटी, पांडू पिंडारा, सिवाहा, पिल्लूखेड़ा, बुढ़ाखेड़ा, सिल्लाखेड़ी, सफीदों, करसिंधु, नारा हाल्ट, मतलौैडा, आसन, खुरखाना व पानीपत तक पहुंचती है। जींद से पानीपत तक अब दो घंटे लगते हैं। विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर 30 से 40 मिनट की बचत होगी। इससे हजारों यात्रियों को फायदा होगा।
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जींद-पानीपत रूट पर चलती हैं छह ट्रेनें
जींद से पानीपत के लिए दिनभर में छह पैसेंजर ट्रेन चलती हैं। इसके अलावा यहां से मालगाड़ी भी गुजरती रहती हैं। पहली ट्रेन सुबह चार बजकर 35 मिनट, दूसरी ट्रेन सुबह दस बजे व तीसरी ट्रेन शाम चार बजकर पांच मिनट पर चलती है। इसी प्रकार तीन ट्रेन पानीपत की ओर से जींद आती हैं। इसमें दिनभर में आठ से दस हजार यात्री सफर करते हैं। इसमें लगभग तीन हजार विद्यार्थी करसिंधु कॉलेज में पढ़ने के लिए जाते हैं। वहीं लगभग चार हजार लोग जींद-पानीपत रूट पर अपनी ड्यूटी के लिए अप-डाउन करते हैं। विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर सफर करने वाले लगभग दस हजार यात्रियों को काफी फायदा होगा।
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26 फरवरी को होगा ट्रायल
जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है। 26 फरवरी को जींद से पानीपत के बीच इलेक्ट्रिक इंजन ट्रायल के तौर पर चलाया जाएगा। अगर इस दौरान सब कुछ सही पाया गया तो जल्द ही सीआरएस शैलेश कुमार पाठक जांच के लिए जींद आएंगे। इसके बाद जींद-पानीपत के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन शुरू होगा। इससे हजारों यात्रियों को फायदा होगा।
प्रेम किशोर, स्टेशन अधीक्षक।
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