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रडवेज में ओवर टाइम बंद होने के पांच दिन बाद भी नहीं बनी है नई रोटेशन व्यवस्था

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शनिवार को 172 बसें रहीं ऑन रूट, उसमें भी 16 हुईं खराब
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोडवेज में ओवर टाइम समाप्त होने के पांच दिन बाद भी जींद डिपो द्वारा नया रोटेशन नहीं बनाया जा सका है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जींद डिपो के साथ नरवाना और सफीदों उप डिपो को मिलकर 185 बसे हैं। इनमें से 172 बसें ऑन रूट हैं, लेकिन इनमें से भी जींद डिपो में शनिवार को 16 बस खराब रहीं, जिसके कारण रूट पर गाड़ियां कम निकल पाईं और यात्रियों को परेशानी हुई। हालांकि रोडवेज की इस कमजोरी का फायदा सहकारी समितियों की बसों ने उठाया और तय समय के अतिरिक्त भी बस चलाई गईं।
शनिवार को जींद डिपो के साथ नरवाना और सफीदों की बसों को मिलकार कुल 153 बसे ही ऑन रूट चलीं। नरवाना में दो और सफीदों में एक बस खराब है। ओवर टाइम खत्म होने के बाद रोडवेज बसों का चक्कर रूटों पर कम हो गए हैं। जिससे चलते लोकल रूटों पर प्राइवेट बसों का बोलबाला रहा।
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ओवर टाइम समाप्त होने पर रोडवेज विभाग को प्रतिदिन दो से तीन लाख रुपये का घाटा हो रहा है। रोडवेज विभाग के डीआई अजीत नेहरा ने बताया कि ओवर टाइम खत्म करने के बाद फ्लांइग टीम, यार्ड रूम, कंप्यूटर रूम व बुकिंग रूम में कंप्यूटर पर क्लर्क के रूप में काम करने वाले 76 चालक व 86 परिचालक को अपनी मूल ड्यूटी पर आना पड़ा। जिस कारण इन विभागों में दफ्तरीय कार्य प्रभावित हो रहा है। अभी विभाग में 319 चालक और 294 परिचालक हैं। ओवर टाइम समाप्त करने के बाद नए नियमानुसार नया रोटेशन बनाने के लिए विभाग ने 54 चालक व 117 परिचालकों की डिमांड मुख्यालय को भेजी है। प्रदेश सरकार द्वारा रोडवेज चालक व परिचालक का ओवर टाइम समाप्त करने के बाद विभागीय अधिकारी नया रोटेशन बनाने में लगे हुए हैं।
डीआई विभाग अधिकारी अजीत नेहरा का कहना है कि नया रोटेशन बनाने का काम तेजी से चल रहा है। दो या तीन दिन में नया रोटेशन बन कर पूरी तरह तैयार हो जाएगा। उसके बाद एक दिसंबर से नए रोटेशन को लागू किया जाएगा और नए रोटेशन के हिसाब से बसों को चलाया जाएगा।
एक दिसंबर से लागू होगा नया रोटेशन
विभाग द्वारा चालक व परिचालकों का ओवर टाइम समाप्त कर दिया गया है। ऐसे में नया ओवर टाइम बनाने में थोड़ा समय और लगेगा और दो या तीन दिन में नय रोटेशन बना दिया जाएगा। नया रोटेशन एक दिसंबर तक लागू कर दिया जाएगा और फिर नए रोटेशन के हिसाब से ही बसे चलाई जाएगी। नए रोटेशन के अनुसार लोकल रूट पर बसों के चक्कर कम हो सकते हैं।
अजीत नेहरा, डीआई अधिकारी।
हर सात से आठ मिनट में है सर्विस
फिलहाल रोडवेज द्वारा बनाए गए टाइम टेबल के अनुसार दोपहर से पहले हर सात मिनट में व दोपहर के बाद हर आठ मिनट में एक बस निकलती है। इसके तहत एक बस सरकारी व एक सहकारी समिति की होती है, लेकिन रोडवेज की बस कम होने के कारण शनिवार को एक-एक रूट पर एक साथ चार-चार निजी बसें निकलीं। ओवर टाइम समाप्त होने पर रोडवेज बसों का लोकल रूटों पर चलना कम हो गया है। जिस कारण गोहाना, सोनीपत, पानीपत, नरवाना व हिसार रूटों पर प्राइवेट बस ज्यादा चलीं। इससे प्राइवेट बस वालों की चांदी रही।
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दो बसों के इंजन की ओवर हालिंग होनी है व बसों के पंप का काम होना है। इनको एजेंसी में करनाल भेजा गया है। एक बस टूटी हुई है, जो गुरुग्राम वर्कशॉप गई है। इसके अलावा कुछ बसों के क्लच का काम होना है। सामान्य तौर पर तीन से चार बस की सर्विस व कुछ बस की सर्विस के लिए खड़ी होती हैं, जल्द ही बस रूट पर चलेंगी।
जीएस दुहन, वर्कशाप मैनेजर।
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