अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
बुधवार के बाद वीरवार को जिले भर में बदरा जमकर बरसे। रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक जारी रही। दोपहर करीब 12 बजे फिर से बूंदाबांदी शुरू हुई और शाम पांच बजे तक जारी रही। बारिश से जहां शहरी क्षेत्रों में जलभराव से लोग परेशान हैं, वहीं गांवों में किसानों के चेहरे पर खुशी है। किसान धान की रोपाई की तैयारी कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिन और बारिश होने की संभावना है।
लगातार दो दिन बारिश होने से जिले भर में जनजीवन अस्तव्यस्त है। बारिश के कारण कहीं मकान गिरे, तो कहीं गलियां उखड़ गई। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जींद शहर की अधिकतर कॉलोनियों में जलभराव रहा तो कई मुख्य मार्गों पर कई-कई फीट तक बारिश का पानी भर गया। इससे लोगों को रूट बदलकर चलना पड़ा। कई जगह वाहन बीच सड़क ही बंद हो गए।
कहां कितनी बारिश
ब्लॉक बारिश एमएम
जींद 88
नरवाना 56
सफीदों 20
उचाना 46
पिल्लूखेड़ा 23
जुलाना 40
नोट-बारिश का आंकड़ा बुधवार शाम साढ़े चार बजे से वीरवार शाम पांच बजे तक का है।
पहली बारिश भी नही झेल पाई नई बनीं गलियां
प्री-मानसून की पहली बारिश को जींद की गलियां झेल नही पाई। बारिश के कारण अनेक कॉलोनियों में इंटरलॉकिंग से बनी अनेक गलियां दरक गई। करीब दो तीन महीने पहले ही बनाई गई गलियों से सीमेंट हट गईं और गलियों की बदतर हालत हो गई। चेयरपर्सन पूनम सैनी के वार्ड नंबर सात भी गलियां बारिश के पानी के साथ ही बह गई। अब लोग गली निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग होने की बात कह रहे हैं। वहीं चेयरपर्सन पूनम सैनी के अनुसार बारिश के कारण मिट्टी के कटाव से गली दरक गई है। इसे जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा।
मनोहरपुर में गिरी मकान की छत
रात भर तेज बारिश में मनोहर पुर गांव निवासी खुजान सिंह नाम के व्यक्ति के मकान की छत गिर गई। गनीमत यह रही कि इसमें कोई जान हानि नहीं हुई। खुजान सिंह के अनुसार रात को एकाएक छत का एक हिस्सा गिर गया।
बिजली गिरने से तुड़े और उपले में लगी आग
पिल्लूखेड़ा (ब्यूरो)। गांव कालवा में मंगलवार रात बिजली गिरने से सुभाष के घर रखा करीब 150 मण तूड़ा जल गया। सरपंच दलबीर कुंडू ने बताया कि सुबह करीब चार बजे आग लगने की सूचना मिली। इस पर फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन उन्होंने गाड़ी नहीं होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। वहीं मकान मालिक सुभाष ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों की मदद जेसीबी से कोठे की दीवार तोड़कर आग बुझाने का प्रयास किया। बिजली न होने के कारण जनरेटर से ट्यूबवेल चलाकर आग पर काबू पाया गया।
दो नए मकान जमीन में धंसे
बुढाखेड़ा गांव में बारिश के कारण अचानक कई मकानों में दरारें आने से मकान मालिकों में भय का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि दो मकान तो करीब छह इंच तक जमीन में धंस चुके हैं। पीड़ित मकान मालिकों का कहना है कि यह चार दिन पहले मकानों में हल्की दरार थी, जो बारिश से बढ़ रही है। मकान मालिक नफे सिंह फौजी, अंग्रेजो देवी, प्रेम और कृष्ण ने बताया कि चार दिन पहले ही अचानक उनके मकानों में दरारें आ गईं थी। अंग्रेजो देवी और नफे सिंह फौजी ने बताया कि उनके मकान जमीन में लगभग छह इंच नीचे जमीन में धंस चुके हैं। गांव के सरपंच सुरेश फौजी और निगरानी कमेटी के रमेश कौशिक ने वीरवार को बुढाखेड़ा गांव का दौरा किया और पीड़ित मकान मालिकों से मुलाकात की। रमेश कौशिक ने समस्या को प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
दूसरे दिन झमाझम बारिश से कहीं मकान धंसे, तो कहीं गलियां उखड़ीं
शहरी क्षेत्रों में जलभराव, बुढाखेड़ा में कई मकानों में आई दरार, किसानों के चेहरे पर खुशी, दो दिन में 170 एमएम बारिश, धान की रोपाई की तैयारी शुरू