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Jind: रंग फैक्टरी में आगजनी से झुलसी दो और महिलाओं की मौत, मृतकों की संख्या पहुंची नौ

Tue, 10 Mar 2026 09:55 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जींद

सार

हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित फैक्टरियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने उपमंडल में निरीक्षण के दौरान आवश्यक अनुमति और लाइसेंस नहीं मिलने पर दो फैक्टरियों को मंगलवार को सील कर दिया
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अवैध रंग फैक्टरी में लगी आग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सफीदों की भाट कॉलोनी स्थित अवैध रंग फैक्टरी में लगी आग में झुलसी दो और महिला मजदूरों की मौत हो गई। इसमें गीता कॉलोनी निवासी कमलेश (55) पत्नी रमेश ने पीजीआई रोहतक में मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे दम तोड़ा, जबकि गांव सिंघपुरा निवासी राजबाला (50)पत्नी रामेहर सैनी की पानीपत के निजी अस्पताल में सुबह करीब 11 बजे उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
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बीते सात मार्च को हुआ था हादसा 

सात मार्च को सफीदों में अवैध रूप से संचालित रंग बनाने की फैक्टरी में अचानक आग लग गई थी। उस समय फैक्टरी में कई महिला मजदूर काम कर रही थीं। हादसे में सफीदों निवासी पूजा, पिंकी, गुड्डी और ऊषा की पहले दिन मौत हो गई थी, जबकि सरिता और धनपति ने पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया था। इसके बाद सोमवार को ममता ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अब दो और मौतों के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। वॉर्ड नंबर 11 निवासी कमलेश के घर पर मंगलवार सुबह से ही शोक व्यक्त करने वालों की भीड़ लगी रही। सदर थाना सफीदों के प्रभारी पूर्णदास ने बताया कि आगजनी में झुलसी दो और महिलाओं की मौत हो गई है।

 
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अवैध फैक्टरियों पर प्रशासन का शिकंजा

हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित फैक्टरियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने उपमंडल में निरीक्षण के दौरान आवश्यक अनुमति और लाइसेंस नहीं मिलने पर दो फैक्टरियों को मंगलवार को सील कर दिया गया, जबकि बंद पड़ी दो फैक्टरियों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए। इससे पहले तीन अवैध फैक्टरियों को पहले ही सील किया जा चुका है। इस तरह अब तक कुल पांच फैक्टरियों को सील किया जा चुका है। नगर परिषद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निकाय और तहसील प्रशासन के अधिकारियों की टीम ने विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जांच की।

अवैध फैक्टरियां कानून का उल्लंघन करने के साथ-साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनती हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जहां भी अवैध फैक्टरी चलने की सूचना मिलेगी, वहां तुरंत जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -पुलकित मल्होत्रा, एसडीएम।
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