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नागरिक अस्पतला का गायनी वार्ड नए भवन में शिफ्ट, अब जच्चा-बच्चा को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं --30 से बढ़कर 50 हुई बेड की संख्या

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गायिनी वार्ड नए भवन में शिफ्ट, 30 से बढ़कर 50 हुई बेड की संख्या
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को अब पहले से बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में चल रहे गायिनी वार्ड को नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। हमेशा कम बेड की समस्या से जूझने वाले गायिनी वार्ड में अब 30 से बढ़ाकर बेड की संख्या भी 50 कर दी गई है।
जींद के नागरिक अस्पताल में एक बेड पर दो या तीन जच्चा को रख जाता था। इसको लेकर हमेशा अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठते रहते थे, लेकिन अब यहां आने वाली जच्चा को काफी आराम मिलेगा। दरअसल पहले गायिनी वार्ड में जहां 30 बेड होते थे, वह अब 50 हो गए हैं। गायिनी वार्ड नए भवन में शिफ्ट होने से नर्सरी वार्ड को भी अलग कर दिया गया है। गायिनी वार्ड के शिफ्ट किए जाने के बाद सोमवार को सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सब कुछ ठीकठाक मिला। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने वार्ड के शिफ्टिंग के अधूरे कार्य को भी जल्द से जल्द पूरा करने के आदेश दिए। गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में चलता रहेगा। गायिनी वार्ड में जगह कम होने के कारण, काफी परेशानी रहती थी। कम बेड होने के कारण कई बार तो जच्चा को बेड भी नहीं मिल पाता था। इसके चलते जच्चा को दूसरे वार्ड में भी शिफ्ट करना पड़ता था। वहीं नवजात बच्चों की देखभाल के लिए नर्सरी को भी गायिनी वार्ड से अलग कर दिया गया है। नर्सरी को गायिनी वार्ड के साथ शिफ्ट कर नर्सरी का अलग वार्ड बना दिया गया है। पहले लेबर रूम व नर्सरी आमने सामने होने से काफी दिक्कत रहती थी।
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महिला आयोग को भी हो चुकी है शिकायत
कुछ महीने पहले जींद पहुंची महिला आयोग की टीम ने जब नागरिक अस्पताल का दौरा किया तो, यहां एक महिला ने शिकायत की थी कि उसे दाखिल नहीं किया जा रहा है। उस समय अस्पताल प्रबंधन ने गायिनी वार्ड में बेड खाली नहीं होने की बात कही थी। ऐसे में अब महिलाओं को काफी सुविधा मिलेगी।
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गायनी वार्ड को नए भवन में कर दिया गया है। शिफ्टिंग का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एक-दो दिन में काम पूरा हो जाएगा। गायिनी वार्ड में बैड की कमी को देखते हुए संख्या 30 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है। नवजात बच्चों की नर्सरी को भी गायिनी वार्ड से अलग कर दिया गया है, ताकि किसी प्रकार के संक्रमण के फैलने का अंदेशा नहीं रहे। ग
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन
नागरिक अस्पताल, जींद
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