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किया प्रदर्शन, स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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बच्चे को स्कूल से निकालने पर अभिभावकों ने किया प्रदर्शन
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जींद। शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के प्रबंधन पर मनमानी कर बच्चे को निकलाने का आरोप लगाते हुए बच्चे के अभिभावकों ने कई दूसरे संगठनों के लोगों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम महावीर प्रसाद को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान कंडेला डेरे के महंग शुक्राई नाथ भी मौजूद रहे।
तांगा चौक निवासी चरण सिंह ने प्रशासन को दी शिकायत में कहा कि उसका बेटा दक्ष ढांडा निजी स्कूल में पढ़ता है। उसके बेटे को स्कूल ड्रेस में नहीं होने के कारण प्रताड़ित किया गया। जब इसकी शिकायत लेकर अभिभावक स्कूल पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और बच्चे को अभिभावकों के साथ स्कूल से निकाल दिया गया। चरण सिंह का कहना है कि उसने पिछले माह ही स्कूल ड्रेस खरीदी हुई थी, लेकिन ड्रेस का साइज बड़ा होने के कारण स्कूल में जमा करवा दी गई थी। बावजूद इसके दक्ष को स्कूल में नहीं घुसने दिया गया। जब वह शिकायत लेकर स्कूल में पहुंचा तो गार्डों ने धक्के मारकर स्कूल से बाहर निकाल दिया। चरण सिंह के अनुसार उसने स्कूल में ड्रेस, फीस तथा किताबों के लिए पैसे जमा करवाए हैं।
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डीटीसी से मिले व्यापारी
इसी मामले में निजी स्कूलों द्वारा बच्चों को जबरन ड्रेस से बचने की शिकायत लेकर रेडीमेड गारमेंट व्यापारी सोमवार को डीईटीसी सुरेंद्र कुमार से मिले। रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन के महासचिव सुनील वशिष्ठ के अनुसार यह काम जीएसटी के तहत आता है, लेकिन स्कूल बिना जीएसटी के ही स्कूल ड्रेस बेचते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल का काम वैसे भी शिक्षा देने का है और स्कूल शिक्षा के लिए फीस लें। ऐसे में जबरन विद्यार्थियों को स्कूल से बिना जीएसटी के ड्रेस बेचना गलत है। इस पर डीईटीसी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


स्कूल को नहीं मान्यता
वहीं दक्ष के पिता चरण सिंह ने कहा कि उन्हें शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि इस स्कूल को महज आठवीं तक ही मान्यता है, लेकिन यहां दसवीं तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे में प्रशासन को स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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चार दिन पहले हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद चार दिन पहले शुरू हुआ था। चरण सिंह का कहना है कि वह स्कूल द्वारा उसके बेटे के लिए दिए गए बड़े, साइज की ड्रेस का ठीक करवाने की मांग को लेकर स्कूल गया था, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उस पर स्टाफ के साथ मारपीट के आरोप लगवाए। इतना ही नहीं, उसके पुलिस थाने भी जाना पड़ा। इससे उसे काफी परेशानी हुई हैं।

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