जींद-पानीपत व नरवाना- कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन का होगा विद्युतीकरण
धर्मवीर निडाना
जींद। इस साल रेल बजट में हुई घोषणा के अनुसार जींद-पानीपत रेलवे लाइन और नरवाना से कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन के विद्युतीकरण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी। दोनों परियोजनाओं की कुल 151 किलोमीटर के विद्युतीकरण पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद जींद से पानीपत व कुरुक्षेत्र का सफर यात्रियों के लिए आसान होगा।
अब तक मुंबई-फिरोजपुर रेलवे सेक्शन पर दिल्ली से जींद तक की रेलवे लाइन का विद्युतीकरण हो चुका है। अब जाखल तक इसी लाइन को विद्युतीकरण करने का काम जारी है। इसके बाद जींद से पानीपत और करूक्षेत्र रेलवे लाइन का मुख्य काम बचता है। जींद-पानीपत रेलवे लाइन के लिए हालांकि बजट में प्रावधान किया गया था। अब इस पर काम शुरू होने का समय आ गया है। इसके लिए रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन विभाग जल्द ही टेंडर खोलेगा। इसके बाद यह काम शुरू हो जाएगा।
दोनों लाइनों का प्रोजेक्ट
जींद से पानीपत रेलवे मार्ग की दूरी 70 किलोमीटर बनती है। इस पर 70 करोड़ रुपये से विद्युतीकरण किया जाएगा। इसके लिए सफीदों में पावर हाउस बनेगा, जिससे रेलवे लाइन को पावर सप्लाई दी जाएगी। वहीं कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलवे लाइन की लंबाई 81 किलोमीटर है और इस पर 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसको सप्लाई देने के लिए कुरुक्षेत्र जिला के टीक रेलवे स्टेशन पर पावर हाउस बनेगा।
यह होगा लाभ
फिलहाल हालांकि दिल्ली से जींद तक रेलवे लाइन का विद्युतीकरण हो चुका है और इस पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने का इंतजार है। वहीं इन दोनों रूटों पर विद्युतीकरण होने से यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कई ऐसी ट्रेन (ईएमयू) हैं, जो सिर्फ दिल्ली के अंदर ही फेरे लगाती हैं। वहीं पानीपत रेलवे लाइन पर भी इलेक्ट्रिक मल्टीपर्पज यूनिट (ईएमयू) चलती हैं। इन ट्रेनों को जींद तक चलाया जा सकेगा। इसमें इंजन बदलने का झंझट समाप्त हो जाता है और जैसे ही ट्रेन आई, वैसे ही दूसरी ओर से वापस चलाया जा सकता है।
पानीपत रेलवे रूट पर बढ़ेंगे यात्री
पानीपत रेलवे रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने से यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। दरअसल पानीपत प्रदेश का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां जींद, सफीदों और पिल्लूखेड़ा से लोग प्रतिदिन काम के लिए पानीपत जाते हैं। यहां ट्रेन की संख्या बढ़ने से रेलवे को यात्रियों की संख्या भी अधिक मिलेगी। वहीं कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन का विद्युतीकरण होने से यह लोगों के लिए चंडीगढ़ का वैकल्पिक मार्ग बन जाएगा।
समय की होगी बचत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने से समय की भी बचत होगी। फिलहाल जींद से पानीपत के लिए दो घंटे और जींद से नरवाना के लिए तीन घंटे में सफर तय होता है। वहीं बिजली की ट्रेन चलने से दोनों रूटों पर 20 से 30 मिटन तक का सफर कम होगा।
जींद-पानीपत और नरवाना से कुरुक्षेत्र तक रेलवे लाइन का विद्युतीकरण करने के लिए टेंडर मांगे गए हैं। पांच अक्टूबर को टेंडर खुलेंगे। इसके बाद औपचारिकताएं कर कंपनी को काम अलाट कर दिया जाएगा। दोनों ही लाइनों को विद्युतीकरण होने से लोगों काफी फायदा होगा।
प्रदीप कुमार, डिप्टी रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, जींद।