जींद। अनाज मंडियों में सभी नोडल अधिकारी किसानों की सुविधा के लिए खरीद प्रक्रिया को निरंतर जारी रखें और संबंधित एजेंसी उठान के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरते। यदि कोई एजेंसी इस कार्य में कोताही बरतेगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह बात हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गेहूं खरीद के कार्य को लेकर सभी जिला उपायुक्तों से कही।
डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने मुख्य सचिव को बताया कि जिला प्रशासन किसानों को फसल लाने व बेचने में मंडियों में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी प्रबंध किए हुए हैं।उन्होंने बताया कि अगर किसानों को कहीं पर भी किसी प्रकार की परेशानी आती है तो उसका तुरंत समाधान कर दिया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद एडीसी हरीश वशिष्ठ ने लघु सचिवालय के सभागार में बैठक कर संबंधित अधिकारियों से कहा कि जिले में खरीद कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए जिन नोडल अधिकारियों की ड्यूटी मंडियों में लगाई गई है वे निरंतर खरीद प्रक्रिया पर नजर रखें। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक निशांत राठी ने एडीसी डॉ. हरीश वशिष्ठ को बताया कि जिले में अब तक 78486 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इनमें से हैफेड ने 38127 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस ने 15418 मीट्रिक टन एवं फूड सेफ्टी एजेंसी 24781 मीट्रिक टन ने खरीदा है।
गेहूं खरीद के साथ उठान कार्य शीघ्र हो
गेहूं की खरीद होते ही उठान का कार्य भी तुरंत किया जाए, ताकि मंडी में यातायात प्रभावित न हो। इस मौके पर उन्होंने सभी मंडियों में व्यवस्था और खरीद प्रक्रिया का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों को किसी भी प्रकार परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिन बाजारों के बाहर बैरिकेडिंग की जरूरत है, वह तुरंत कर लें, ताकि यातायात प्रभावित न हो। मंडियों में आने वाले किसानों के गेट पास तुरंत काटे जाएं। इस सीजन में चुनाव भी हैं, इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता से कार्य करें। किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिन स्थानों पर बारदाना की आवश्यकता है, वहां तत्काल उपलब्ध कराया जाये। सभी नोडल अधिकारी लगातार क्षेत्र में रहकर खरीद प्रक्रिया पर नजर रखें। यदि कहीं कोई समस्या है तो उसे तुरंत दूर करें। साइलो में खरीद प्रक्रिया ठीक की जाए। सीसीटीवी कैमरे की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही किसानों की सुविधा के लिए पर्याप्त कंप्यूटर ऑपरेटर भी होने चाहिए।
मंडियों में किसानों को मिले पर्याप्त सुविधाएं
मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए बिजली, पानी व शौचालय इत्यादि की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। उन्होंने खरीद एजेंसी के ठेकेदारों को निर्देश दिए कि वे लिफ्टिंग के कार्य को साथ की साथ करवाना सुनिश्चित करें। अगर कोई ठेकेदार लिफ्टिंग के कार्य में अनदेखी करता है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब या बारीश होती है तो किसानों की फसल को सुरक्षित रखने के लिए आढ़ती तरपाल इत्यादि की समुचित व्यवस्था रखें ताकि किसान की फसल खराब ना हो। इस अवसर पर सफीदों एसडीएम मुनीष कुमार फौगाट, जींद एसडीएम राकेश सैनी, उचाना एसडीएम गुलजार मलिक, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, डीएफएससी निशांत राठी, हैफेड के एमडी पुनीत पंघाल, वेयर हाउस के डीएम रोहताश दहिया मौजूद रहे।
14जेएनडी18-वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लेते हुए अधिकारी। स्रोत प्रशासन