उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को किसान को मुआवजा देने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गांव खरेंटी निवासी किसान को न्याय दिलाते हुए उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को निर्देश दिए हैं कि वह किसान को 29700 रुपये की मुआवजा राशि, पांच हजार रुपये किसान को मानसिक प्रताड़ना के रूप में भुगतान करे। यदि बीमा कंपनी ने 30 दिन में किसान को यह राशि नहीं देगी तो उसे नौ प्रतिशत ब्याज सहित राशि देनी होगी।
गांव खरेंटी में जनवरी 2017 के अंतिम सप्ताह और फरवरी में अधिक बारिश होने के कारण गेहूं की काफी फसल खराब हो गई थी। गांव निवासी सूरजमल ने 8 फरवरी को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा देने के लिए बजाज एलायंस कंपनी को शिकायत दी। बीमा कंपनी और कृषि विभाग ने सर्वे करते हुए मुआवजा देने से मना कर दिया। इसके बाद सूरजमल ने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी। उसे सूचना मिली कि उसके गांव के 30 किसानों को मुआवजा मिल चुका है। इसके बाद उसने सीएम विंडो और कृषि विभाग को शिकायत की, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सूरजमल ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। उपभोक्ता फोरम ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि सूरजमल की अधिक बारिश के कारण 12 कनाल गेहूं की फसल खराब हुई है। इसके लिए कंपनी को 29700 रुपये का मुआवजा देना होगा। इसके साथ-साथ इस राशि पर 24 अक्तूबर 2017 से सात प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा। इसके अतिरिक्त बीमा कंपनी को किसान को हुई मानसिक पीड़ा के लिए पांच हजार रुपये अलग से देने होंगे। उपभोक्ता फोरम ने यह भी आदेश दिए कि यदि बीमा कंपनी ने यह राशि 30 दिन के अंदर नहीं दी तो कंपनी को इस पूरी राशि पर नौ प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा।