अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। खेतों में बिजली की सप्लाई शेड्यूल के हिसाब से नहीं मिलने पर दरोली खेड़ा, सेढ़ा माजरा, उचाना खुर्द के किसान बुधवार को खरकभूरा 132 केवी पावर हाउस पहुंचे। किसानों ने लगातार चल रही बिजली किल्लत के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध जताया। किसानों ने पावर हाउस में निगम के खिलाफ नारेबाजी की और पावर हाउस से अन्य गांवों को जाने वाली बिजली सप्लाई को काट दिया। अन्य गांवों की बिजली काटने से अधिकारियों के लिए एक और समस्या बढ़ गई।
बिजली समस्या किसानों के लिए लगातार आफत बनती जा रही है। पिछले एक सप्ताह से कोई ऐसा दिन नहीं गुजरा जिस दिन जिले में बिजली समस्या को लेकर किसानों ने कहीं जाम न लगाया हो। समस्या का स्थायी समाधान करने में निगम अब तक असफल साबित रहा है। किसानों को समझाने के लिए मौके पर निगम के एसडीओ सुरेंद्र कुमार पहुंचे। उन्होंने किसानों को शेड्यूल के अनुसार बिजली देने का आश्वासन देकर कड़ी मशक्कत से मनाया। किसानों ने कहा कि बिजली निगम की कमजोरी के कारण उनकी हजारों रुपये के खर्च से तैयार की गई धान की फसल खराब हो रही है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर समय रहते बिजली व्यवस्था सुचारु नहीं की गई तो किसानों को सड़क पर आने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कई बार समस्या को लेकर बिजली निगम में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। जो बिजली सप्लाई किसानों को दी जाती है। वह कम वोल्टेज की होती है। इससे एक तो ट्यूबवेल की मोटरें नहीं चल पातीं। अगर कोई चलती है तो वह कम वोल्टेज के कारण जल जाती है। इस कारण किसानों को लगातार आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।