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दनौदा में किसानों ने तीन घंटे बंद किया हिसार-चंडीगढ़ हाईवे

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अमर उजाला ब्यूरो
जींद/ नरवाना
देश भर में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों के नेशनल हाईवे तीन घंटे के बंद करने के ऐलान के बीच प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। हालांकि ऐन मौके पर भारतीय किसान यूनियन ने रामराये में जाम का कार्यक्रम स्थगित कर दिया और कंडेला में भी जाम नहीं किया जा सका। जिले में सिर्फ दनौदा गांव में तीन घंटे के लिए किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर विरोध जताया।
किसान संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को गांव दनौदा में किसानों ने कई मांगों को लेकर हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे जाम लगाया और सांकेतिक धरना दिया। किसानों ने भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस ने ड्रोन कैमरे से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी। धरने की अध्यक्षता मांगेराम ने की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में किसान काफी दुखी है। फसल बीमा योजना के नाम पर सरकार किसानों को लूटकर कंपनियों को फायदा पहुंचाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि निजी और पूंजीपतियों की कंपनियां किसानों से एक एकड़ की दो जगह किस्त ले रही हैं। इससे बड़े पैमाने पर किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है। किसान मजबूरन सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। मध्य प्रदेश में किसानों पर चलाई गोलियों से छह किसान बेमौत मारे गए। उन्होंने वायदे के अनुसार स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने और किसानों के कर्जे माफ करने की मांग की। इस अवसर पर बलवान दनौदा, जिला पार्षद मोनू दनौदा, सतबीर सिंह, नरेश कुमार, मास्टर चांद बहादुर, प्रदीप सहित अन्य किसान व किसान नेता मौजूद रहे।
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धरने की मांगें
धरने में उपस्थित रघुबीर सिंह नैन और सत्यवान नैन ने कहा कि वे सड़क रोककर लोगों को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार ने किसानों के लिए ऐसे हालात आज पैदा कर दिए कि किसानों को सड़कों पर बैठकर अपने हक की बात करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा किसान इन धरने प्रदर्शनों के माध्यम से अपनी मांगे पूरी करवाना चाहते हैं। इसमें सबसे पहली मांग स्वामीनाथन रिपोर्ट, किसानों को पूर्ण रूप से कर्जमुक्त करने व मध्य प्रदेश में मारे गए छह किसानों को शहीद का दर्जा देने, परिजनों को पांच-पांच करोड़ का मुआवजा देने व एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुख्य हैं।

पुलिस प्रशासन के पुख्ता प्रबंध
किसानों के आंदोलन को देखते हुए पुुलिस प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए थे। राहगीरों की सुविधा के लिए वाहनों को दूसरे रास्तों से निकाला जा रहा था। खुफिया विभाग अधिकारियों को पल-पल की जानकारी दे रहा था। डीएसपी कुलवंत बिश्नोई और एसडीएम डॉ. किरण सिंह भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस विभाग ड्रोन कैमरे से जानकारी जुटा रहा था।

रूट बदले गए
पुलिस ने हिसार चंडीगढ़ हाईवे पर आने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट करके राहगीरों को जाम में फंसने से बचाया। पुलिस ने हरियल चौक, बाईपास कैंची चौक जाजनवाला में बैरियर लगाकर वाहन चालकों को दूसरे रूट से जाने को कहा। इससे लोगों के आवागमन पर जाम का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। जाम तीन बजे खोल दिया गया। इसके बाद हाईवे पर सामान्य रूप से वाहन दौड़ने लगे।
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आज प्रदेश स्तरीय मीटिंग जींद में
आंदोलन की आगामी रणनीति बनाने के लिए भारतीय किसान यूनियन शनिवार को जींद की शिव कॉलोनी स्थित किसान भवन में प्रदेश स्तरीय मीटिंग करेगी। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने बताया कि मीटिंग में प्रदेश भर में योग दिवस के दिन सड़कों पर योग करने के स्थान तय किए जाएंगे। यूनियन के तय किए गए स्थानों के अलावा किसानों से अपने-अपने स्तर पर गांवों के साथ लगती सड़कों पर भी 21 जून को दोपहर 12 से तीन बजे तक योग करने का आह्वान किया जाएगा।

दनौदा में किसानों ने तीन घंटे बंद किया हिसार-चंडीगढ़ हाईवे
किसान आंदोलन की चेतावनी पर दिन भर अलर्ट रहा प्रशासन, पुलिस ने ड्रोन कैमरे से चप्पे-चप्पे पर रखी नजर
अब 21 को सड़कों पर किसानों का रोष योग
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