जींद। प्लाट बेचने के नाम पर 7.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने ईक्कस गांव निवासी महाबीर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित खेम नगर निवासी भगवान दास ने बताया कि आरोपी ने करीब सात साल पहले 220 गज का फर्जी प्लाट दिखाया और उसके नाम करवाने के लिए राशि ले ली। बाद में पता चला की यह प्लाट किसी और के नाम है। इसके बाद आरोपी के साथ 142 गज का दूसरा प्लाट अमरहेड़ी रोड पर दिलाने का समझौता हुआ। लेकिन सात साल बीत जाने पर भी आरोपी ने रजिस्ट्री उसके नाम नहीं की। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी है।
शहर के खेम नगर निवासी भगवान दास ने अदालत में इश्तगासा दायर कर बताया कि उसने वर्ष 2013 में ईक्कस गांव महाबीर से 725000 रुपये में 220 गज का प्लाट खरीदा था। महाबीर ने उसको प्लाट चुंगी के पास दिया था। उसने प्लाट की राशि का भुगतान भी कर दिया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह जमीन तो किसी ईंटल गांव के व्यक्ति की थी। उसके बाद जमीन के मालिक ने उस जमीन की बिजाई कर दी। फिर महाबीर से संपर्क किया तो उसने बहाना बनाते हुए उनको अमरहेड़ी रोड पर प्लाट देने का वादा किया। वर्ष 2018 में 142 गज का प्लाट 539000 हजार रुपये में दे दिया। इस पर उन्होंने उस प्लाट की नींव भी भर दी, लेकिन उसके बाद भी महाबीर ने प्लाट की रजिस्टरी नहीं करवाई। वह बार-बार बहाने बनाकर उनको गुमराह करता रहा। जांच अधिकारी एएसआई कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में ईक्कस गांव के महाबीर को नामजद कर उनके खिलाफ प्लाट बेचने के नाम पर राशि ऐंठने और रजिस्ट्री न कराने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।