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सरसों बेचने के लिए दो दिन करना पड़ रहा इंतजार

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जींद। 28 मार्च से शुरू हुई सरसों की सरकारी खरीद किसानों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। खरीद कार्य को लगभग 15 दिन बीत चुके हैं। इन दिनों में किसानों को सबसे पहले गेट पास की परेशानी आई। अब सरसों को बेचने को लेकर दिक्कत आ रही है, क्योंकि मंडी में अधिक मात्रा में सरसों आ गई है। मंडी में सरसों अधिक मात्रा में आने के कारण अब सरकारी खरीद के प्रबंध कम पड़ने लगे हैं। इसके कारण किसानों को सरसों बेचने के लिए रात्रि ठहराव की व्यवस्था करके हीं मंडी में आना पड़ रहा है।
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अनाज मंडी में अधिक मात्रा में सरसों आने के कारण छप्पर के नीचे दर्जनभर ट्रालियां सरसों की भरी खड़ी हैं। इन किसानों को सरसों बेचने के लिए इंतजार बना है कि कब उनका नंबर आएगा। इसमें एक तो कम मात्रा में सरसों किसानों से खरीदी जा रही है और दूसरी तरफ किसानों को सरसों बेचने के लिए दो दिन तक मंडी में इंतजार करना पड़ रहा है।
मजदूर और कांटे की भारी कमी
सरसों खरीद में सरकारी एजेंसी के पास मजदूरों की कमी होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर मजदूरो व कांटों की संख्या अधिक हो तो एक दिन में ही आने वाली सरसों की खरीद और तौल आसानी से किया जा सकता है। खरीद एजेंसी के पास मजदूरों की कमी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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महेंद्र जागलान किसान
नमी के नाम पर किसानों से करवाया जा रहा इंतजार
सरसों में नमी के नाम पर भी किसानों को चार से पांच दिन तक इंतजार करवाया जा रहा है। अगर किसी किसान की सरसों खरीद वाले दिन नौ प्रतिशत भी नमी को दिखाती है तो फिर शनिवार तक किसान को सरसों बेचने के लिए इंतजार करना पड़ता है। इससे किसान की खेती बाड़ी के दूसरे कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को चाहिए कि मंडी में मजदूरों और कांटों की संख्या दोगुना करवाई जाए, ताकि किसान को सरसों बेचने के लिए इंतजार नहीं करना पड़े।
रामफल किसान
दो दिन से कर रहे सरसों बिकने का इंतजार
मंडी में मजदूरों की कमी का खामियाजा किसान को भुगतना पड़ रहा है। मंडी में एक दिन तो कागजात में और दूसरा दिन सरसों बिकने के इंतजार में निकल जाता है। इससे किसानों की एक तो सरसों की सारी फसल नहीं ली जा रही और दूसरा दो से तीन दिन तक इंतजार सरसों बेचने के लिए करवाया जा रहा है।
कुलबीर किसान
संसाधनों के अनुसार खरीद कार्य ठीक चला हुआ है। एक साथ कई गांवों की सरसों अधिक मात्रा में आने के कारण कुछ किसानों को एक दिन का इंतजार करना पड़ा, लेकिन मंडी में किसानों के रुकने के लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं। इससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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रोशन लाल गोयल, हैफेड मैनेजर
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