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जिलेभर में ई- खरीद के विरोध में मंडी के व्यापारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

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व्यापारियों और किसानों के बीच खरीद प्रणाली बनी कांटा : गर्ग
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सरकार द्वारा किसानों की फसल सीधे बेचने के लिए शुरू की गई ई-खरीद प्रणाली मंडी के विरोध में जिला भर की मंडियों के आढ़ती हड़ताल पर रहे। इससे किसानों को फसल बेचने में परेशानी हुई। बुधवार को जींद मंडी के सभी व्यापारियों ने काम बंद कर प्रधान कृष्ण कुमार गर्ग और रामफल ढांडा की अध्यक्षता में मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। इसके बावजूद आढ़तियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन मंडी सचिव के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
बीसीपीए को दोबारा लागू करवाने की मांग
न्यू फूड ग्रीन डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण कुमार गर्ग ने कहा कि मंडी में किसान और व्यापारी के बीच लेनदेन चला आ रहा है। यह खरीद प्रणाली व्यापारियों और किसान के बीच में कांटा बनकर आई है। इससे आढ़ती और किसान के बीच मतभेद पैदा करने के लिए सरकार लागू कर रही है। इसके अतिरिक्त व्यापारियों ने सरकार से बीसीपीए को दोबारा से लागू करवाने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ के सीजन में व्यापारियों के पास इतना समय नहीं होता की वह पूरा कार्य खुद ही देख सकें। इसके लिए मंडियों में बीसीपीए नियुक्त किए गए हैं, ताकि किसान और व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। ढांडा ने कहा कि सरकार ई-खरीद के नाम पर प्रदेश भर में लाखों मजदूर, व्यापारी व मुनीमों के रोजगार को खत्म कर खुद ही ठेकदार बनना चाहती है।
पिल्लूखेड़ा में अनाज मंडी के गेट पर जड़ा ताला
बुधवार को ऑनलाइन खरीद के विरोध में पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी के आढ़तियों ने भी हड़ताल शुरू कर दी है। पिल्लूखेड़ा आढ़ती एसोसिएशन के बैनर तले पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी के आढ़तियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और अनाज मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया। इस विरोध प्रदर्शन में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बलजीत बूरा, अनिल कुंडू, जगदीश गुप्ता, पूर्व प्रधान सूरजभान, रामफल डीपीई, विजयपाल कुंडू, प्रवीण, जयभगवान पंडल, सोहन लाल, धर्मबीर मोर, करनैल, जसबीर देशवाल, रमेश जामनी और जगमहेंद्र मौजूद रहे।
15 अप्रैल को करनाल में महारैली में पहुंचेंगे आढ़ती : खरकभूरा
आढ़तियों द्वारा सरकार द्वारा शुरू की गई ई-खरीद योजना को नामंजूर करते हुए आर पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। बुधवार से प्रदेश भर में आढ़ती अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। मार्केट कमेटी प्रांगण में दी फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन की अगुवाई में आढ़तियों ने धरना देते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसकी अध्यक्षता एसोसिएशन प्रधान सुरेश खरकभूरा ने की। मजदूरों ने भी धरना स्थल पर पहुंच कर आढ़तियों के धरने का समर्थन दिया।
हर रोज तीन घंटे देंगे धरना, दुकानें रखेंगे बंद
सुरेश खरकभूरा ने कहा कि फसलों की ई-ट्रेडिंग व अन्य कई विषयों पर बीती 13 जनवरी, 25 मार्च को सीएम ने सभी मांगें आढ़तियों की मानते हुए कहा था कि व्यापार पहले की तरह ही चलेगा लेकिन अब सीएम अपने वायदे पर खरे नहीं उतर रहे है। आढ़तियों ने अनिश्चिकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। 11 अप्रैल से मंडी में तीन घंटे तक धरना देंगे। सरकार के खिलाफ रोष जुलूस निकाला जाएगा। 15 अप्रैल को सीएम सिटी करनाल में होने वाली महारैली में किसान, मजदूर भी आढ़तियों के साथ पहुंचेंगे।
ये हैं आढ़तियों की मांगें
गेहूं या किसी भी फसल में ई-खरीद नहीं होनी चाहिए, पहले की तरह ही मंडियों में खरीद होनी चाहिए। बीसीपीए मंडियों में पहले की तरह काम करें, 25 मार्च को सीएम के आश्वासन के अनुसार हैफेड द्वारा खरीदी गई सरसों सहित अन्य फसलों पर आढ़ती को सरकार की तरफ से 40 रुपये प्रति क्विंटल देने हैं, कैसे दिए जाएंगे वो पता नहीं है। दूसरे राज्यों के किसान वर्षों से प्रदेश की मंडियों में लेन-देन करते है वे अपनी फसलों प्रदेश की मंडियों में बेचते है, यह भी पहले की तरह कायम रहे। सीसीआई द्वारा खरीदी गई कॉटन पर सीएम ने कहा था कि आढ़तियों को आढ़त दी जाएगी वो जहां ये खरीद हुई है वहां दिलाई जाए।
137 किसानों के बैंक खातों में पहुंचे एक करोड़ 10 लाख रुपये
सरसों की फसल का ऑनलाइन पंजीकरण करवाने वाले किसानों को फसल बेचने के बाद निर्धारित सात दिनों से पहले खातों में सीधी पेमेंट की जा रही है। हैफेड द्वारा खरीदी गई सरसों की फसल की सात अप्रैल तक की पेमेंट हो चुकी है। 137 किसानों के बैंक खातों में सीधे एक करोड़ 10 लाख रुपये की सरसों की पेमेंट अब तक हो चुकी है। 28 मार्च से पुरानी मंडी में सरकारी दुकान पर हैफेड द्वारा उचाना, नरवाना ब्लॉक के किसानों की सरसों की फसल की खरीद की जा रही है। जिन किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकरण करवाया गया है, उनको 4200 रुपये प्रति क्विंटल सरकार द्वारा दिया गया है।
क्या कहते हैं हैफेड के मैनेजर
हैफेड मैनेजर अशोक सिहाग ने बताया कि पहले प्रति एकड़ साढ़े छह क्विंटल सरसों की फसल खरीदी जाती थी। इस बार आवक अधिक देखते हुए इसे आठ क्विंटल प्रति एकड़ किया है। चार एकड़ तक को लेकर 25 क्विंटल सरसों का नियम पहले की तरह है। किसानों को चाहिए कि नमी वाली फसल लेकर न आए। नमी वाली फसल लाने से फसल न बिकने पर किसानों को भी परेशानी होती है। फसल आठ प्रतिशत तक नमी वाली हो तो उसको आते ही खरीदा जा रहा है। 22 अप्रैल तक उचाना, नरवाना के गांवों को शैड्यूल बनाया हुआ है। इसके बाद दोबारा से शैड्यूल बनाया जाएगा।
बंद रही अलेवा मंडी
अनाज मंडी के व्यापारियों ने बुधवार को सरकार द्वारा लागू की गई ई-ट्रेडिंग के विरोध में एसोसिएशन के प्रधान बसावा राम की अध्यक्षता में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इसमें उन्होंने कहा कि सरकार किसान और व्यापारी का संबंध खत्म करना चाहती है। फसलों की राशि सीधे किसानों के खाते में डालने की योजना आढ़तियों को लूटने की योजना है। जब तक ई-ट्रेडिंग के फैसले को रद्द नहीं करती उस समय तक प्रदेश की सभी अनाज मंडी के व्यापारी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए धरना देंगे। इस अवसर पर रामदिया लोहान, बिजेंद्र चहल, संदीप लोहान, लीला शर्मा, किताब सिंह रेढू, नरेश चहल मौजूद रहे।
नरवाना में आढ़तियों ने दिया धरना
बुधवार को अनाज मंडी में आढ़तियों ने ई-ट्रेडिंग के विरोध में मंडी प्रधान जयदेव बंसल की अध्यक्षता में धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने के दौरान कोई खरीद नहीं करने का निर्णय लिया। बंसल ने कहा कि हड़ताल अनिश्चितकालीन है। इस दौरान मंडी में खरीद कार्य नहीं होगा। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कुरुक्षेत्र में 262 मंडियों के प्रधानों की बैठक में यह निर्णय लिया था। सरकार की आढ़त विरोधी नीतियों के चलते प्रदेश की हर मंडी में काम रोकने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि उनका शिष्टमंडल इस वर्ष में 13 जनवरी व 25 मार्च को मुख्यमंत्री से मिला। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें ई-ट्रेडिंग नहीं करने का आश्वासन दिया था। इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव धर्मबीर गोयल, सज्जन सिंगला, नरेशचंद, जियालाल गोयल, सुभाष, किशन, बलवंत शर्मा, शशीकांत मौजूद रहे।
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कच्चा आढ़तियों ने दिया मंडी में धरना
ई-ट्रेडिंग के विरोध में कच्चा आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस धरने व प्रदर्शन की अगुवाई मंडी प्रधान शिवचरण कंसल ने की। शिवचरण कंसल ने कहा कि किसान और आढ़ती का सदियों से चोली-दामन का साथ रहा है और वह तालमेल आज भी जारी है लेकिन सरकार किसान और आढ़ती के संबंध को तोड़ देना चाहती है। इस अवसर पर अशोक शर्मा, दिनेश गर्ग, सचिव संजय देशवाल व उपाध्यक्ष माडू राम रावत मौजूद रहे।
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