फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिग्रहित भूमि के उचित मुआवजे के लिए नौ गांवों के किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
अधिग्रहित भूमि के उचित मुआवजे के लिए नौ गांवों के किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
विज्ञापन

नारनौल से कुरुक्षेत्र तक बनाए जा रहे नेशनल हाईवे 152डी के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की मांग को लेकर नौ गांवों के किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। धरना जींद-रोहतक मार्ग पर किलाजफरगढ़ गांव के पास दिया जा रहा है। धरने में किलाजफरगढ़, बुढ़ा खेड़ा, लजवानां कलां, फतेहगढ़, लजवानां खुर्द, सिरसा खेड़ी, नंदगढ़, हथवाला गांवों के किसान शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता अनिल कुमार ने की।
इस मौके पर प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि उन्हें कलेक्टर रेट के हिसाब से 28 से 30 लाख रुपये प्रति एकड़ से कम मुआवजा मिल रहा है, लेकिन जैसे ही जींद की सीमा समाप्त होती है तो वहां के लोगों को 50 से 60 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जा रहा है। सरकार और प्रशासन उनके साथ अन्याय कर रही है। किसानों की मांग उन्हें जल्द मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अनिल कुमार ने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन समय रहते नहीं जागा तो नौ गांवों के किसान लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने से भी नहीं हिचकिचाएंगे। इस मुद्दे को लेकर कई बार डीसी से भी मिल चुके हैं। प्रशासन द्वारा दिसंबर में भूमि अधिग्रहण का अवार्ड घोषित किया था। मार्च में किसानों से उनके खाते नंबर मांगे गए थे, लेकिन किसी भी किसान ने इस मुआवजा राशि पर सहमति नहीं जताई। किसानों की मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों की जमीन हाईवे में आई है उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, क्योंकि किसान खेती के सहारे ही अपना और अपने परिवार का पेट पालता है। भूमि अधिग्रहण होने से उसके परिवार पर संकट के बादल छा गए हैं। इसके अलावा किसानों के परिवारों को प्राथमिकता देते हुए हाईवे पर पंप खुलवाएं जाएं। इस मौके पर राजेंद्र, आजाद सिंह, अजीत, अमीर सिंह, समेर, राजकुमार, जोगिंद्र, व दिलबाग सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें