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तीन माह पहले शुरू हुआ अर्बन इस्टेट की गलियों के निर्माण का काम अभी तक बनी है महज एक किलोमीटर लंबी गलियां

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तीन माह में महज एक किमी बनी गली
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। तीन महीने पहले शुरू हुए अर्बन इस्टेट की गलियों का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। इस पर शुक्रवार को डीसी अमित खत्री ने अधिकारियों और गलियां बनाने वाली एजेंसी व नगर परिषद के अधिकारियों की मीटिंग ली। इस दौरान डीसी ने काम धीमा चलने के कारण एजेंसी व अधिकारियों का फटकार भी लगाई। डीसी ने काम में तेजी लाने के आदेश दिए। गौरतलब है कि अर्बन इस्टेट की करीब 37 किलोमीटर लंबी सड़कें बननी हैं और तीन माह में करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क ही बन पाई है।
डीसी ने सड़क निर्माण एजेंसी के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वे अर्बन इस्टेट तथा डिफेंस कॉलोनी की सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाएं। ऐसा नहीं करने पर एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा अब तक अपने कॉन्ट्रैक्ट के अनुरूप काम नहीं किया है। इसके परिणामस्वरूप लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित एजेंसी ने एनजीटी की हिदायतों का भी अनुपालन नहीं किया है। इससे शहर का पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण कार्य में किसी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बननी चाहिए थी छह किलोमीटर लंबी सड़क
डीसी ने एजेंसी के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब तक लगभग छह किलोमीटर लंबाई की सड़क बन जानी चाहिए थी, लेकिन एजेंसी द्वारा एक किलोमीटर लंबाई की सड़क का निर्माण भी पूरा नहीं किया गया है। इन दोनों कॉलोनियों में लगभग 37 किलोमीटर की लंबाई की सड़कों का निर्माण एक वर्ष में पूरा किया जाना है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि तीन महीने पहले जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो दावा किया गया था कि प्रतिदिन जितनी सड़क उखाड़ी जाएगी, उतनी का ही साथ में निर्माण कर दिया जाएगा।
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उखाड़ी गई हैं अधिकतर गलियां
अर्बन इस्टेट की अधिकतर गलियां उखाड़ दी गई हैं। इससे दिन भर धूल उड़ती है। इसके चलते जींद में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा है। इसको लेकर नगर परिषद द्वारा ठेकेदार को नोटिस दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद यहां नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है।
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