अमर उजाला ब्यूरो
जींद। पशु अस्पताल में अब विभाग पशुओं के उचित इलाज के लिए एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व रक्त जांच मशीन उपलब्ध करवाएगा। अभी तक पशु अस्पताल में सीएमटी, हीमोग्लोबिन टेस्ट, टीबी, स्किन टेस्ट, यूरीन टेस्ट, आरबीपीटी, जेडी टेस्ट किए जाते हैं। पशुओं में थनों में सोजश, सुंडी में सोजश, पशुओं के पाव में झटका, खून में कमी आदि बीमारियां आमतौर पर होती हैं।
अस्पताल के उपनिदेशक डॉ. एनडी गोयल ने बताया कि अस्पताल में लाए गए पशुओं में दस्त या पानी की कमी होने पर ओआरएस घोल दिया जाता है। सुंडी में सोजश आने पर हरनिया द्वारा इलाज किया जाता है। थनों के संबधित रोगों के लिए जैसे थनों में सोजन आना व दूध कम देना जैसे रोगों के लिए अस्पताल में सीएमटी टेस्ट किया जाता है। अस्पताल में मल परीक्षण टेस्ट भी उपलब्ध है। गर्भ से संबधित बीमारियों के लिए आरबीपीटी टेस्ट से पशुओं का इलाज किया जाता है। पशुओं के पैरों में झटका आने पर सटंग टेस्ट से इलाज किया जाता है। लैब में पशुओं में त्वचा से संबधित रोंगो के लिए स्किन टेस्ट, जेडी टेस्ट, टीबी जैसे रोगों के लिए टीबी टेस्ट, खून में किटाणुओं होने से संबधित हीमोग्लोबिन टेस्ट किए जाते हैं व समय रहते पशुओं का इलाज किया जाता है।
अस्पताल में पशुओं के बेहतर इलाज के लिए जल्द ही एक्सरे व अल्ट्रासाउंड मशीन की मांग की गई है। पशुओं के इलाज के लिए यह एक बड़ी पहल है। कई बार बड़ी बीमारियों का पता नहीं लग पाता जिससे पशुओं का बेहतर इलाज नहीं होने पर पशुओं की मृत्यु तक हो जाती है। इसलिए पशुओं के बेहतर इलाज के लिए एक्सरे व अल्ट्रासाउंड मशीन मंगवाई जा रही है।
-डॉ. एनडी गोयल, उपनिदेशक, पशु अस्पताल।