अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना। जींद-रोहतक मार्ग पर भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की मांग को लेकर 132 दिन से जुलाना में धरना दे रहे किसानों का आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व सांसद रमेश कौशिक ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों को लड्डू खिलाकर धरने को समाप्त करवाया। भूमि अधिग्रहण मुआवजा 15 से 21 लाख से बढ़कर 63 से 74 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मिलेगा। सवा चार माह के बाद शनिवार को किसानों से मिलने धरना स्थल पर उचाना विधायक प्रेमलता भी पहुंचीं। शनिवार को धरने की अध्यक्षता सतबीर ने की और धरने का संचालन विरेंद्र आर्य ने किया।
मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों की मांग मान ली है। भूमि अधिग्रहण का मुआवजा सीएम ने बढ़ाकर 63 से 74 लाख रुपये तक कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उनके जींद क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय हो रहा है तो उन्होंने संबंधित मंत्रियों से बात की और समाधान करवाया। उन्होंने कहा कि किसानों के पास अब ज्यादा जमीन नहीं बची है जिससे वो खेती करके अपने परिवार का गुजारा कर सकेें। इसलिए किसानों को भी दूसरे कारोबारों में आगे आना चाहिए। भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर डटे किसानों के धरने पर ओमप्रकाश लाठर, कप्तान लाठर, विरेंद्र आर्य, कुलदीप ढांडा, निगरानी कमेटी प्रमुख सतीश सांगवान, ओपी पहल, जिलाध्सक्ष पुष्पा तायल, मार्केट कमेटी चेयरमैन विष्णु शर्मा, युवा सांसद प्रतिनिधी अर्जून पंडित, समाजसेवी शमशेर लाठर, राजपाल सरपंच सहित कई किसान धरने पर मौजूद रहे। सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि सरकार ने किसानों की सभी मांगें मान ली हैं और सभी को बढ़ा हुआ मुआवजा एक माह के अंदर मिल जाएगा। सरकार ने मांगें तो डेढ़ माह पहले ही मान ली थी लेकिन एडीसी के तबादले के कारण कार्य में विलंब हो गया। धरने पर बैठे किसानों ने सांसद से पूछा कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी धरने पर नहीं पहुंचा है तो सांसद ने कहा कि जींद में सीएम का कार्यक्रम होने के कारण अधिकारी नहीं आ पाए। आपका एडीसी और डीसी भी मैं ही हूं। क्षेत्र के लोगों के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।