अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
साढ़े तीन साल पहले मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा जींद के लिए की गई सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज की घोषणा अभी तक फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है। घोषणा के साढ़े तीन साल बाद भी प्रशासन पॉलीटेक्निक कॉलेज के लिए जगह भी नहीं तलाश पाया है। हालांकि प्रशासन ने राजपुरा गांव में सात-आठ एकड़ जमीन तलाश की है, लेकिन अभी तक इसके साइट प्लान को भी अंतिम रूप नहीं मिला है।
दरअसल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 2014 में जींद में पॉलीटेक्निक कॉलेज की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री की यह घोषणा विभागों के चक्कर काटती रही। पंचायत विभाग को कॉलेज के लिए जमीन तलाशने की जिम्मेदारी मिली, लेकिन इस पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में इस योजना से लोगों की उम्मीदें कम होती जात रही हैं।
बदलती रही साइट
शुरू में सरकार ने बधाना गांव में पॉलीटेक्निक कॉलेज की योजना बनाई, लेकिन यहां तकनीकी शिक्षा विभाग को फिजिबिलिटी नहीं मिली। इसके बाद जींद की आईटीआई में पॉलीटेक्निक कॉलेज बनाने की बात चली, लेकिन यह भी सिरे नहीं चढ़ पाई। हालांकि लोहचब और झांझ खुर्द गांवों की पंचायत ने भी जमीन देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है, लेकिन इस पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
विधान सभा में उठा मुद्दा
यह मुद्दा विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा ने विधानसभा में उठाया था। इस दौरान सरकार से जवाब मिला कि इसके लिए जमीन तलाश की जा रही है। अब जमीन की तलाश कब पूरी होगी, यह समय ही बताएगा।
तकनीकी शिक्षा में पिछड़ रहा है जींद
पिछले कुछ सालों में बेशक शिक्षा के क्षेत्र में जींद में काफी सुधार हुआ है, लेकिन तकनीकी शिक्षा का कोई संस्थान नहीं होने के कारण जिला के युवाओं को रोजगार मिलने में काफी दिक्कत आ रही हैं।
सरकार लटका रही है मामला
सरकार एक ओर तो विकास के दावे कर रही है, लेकिन साढ़े तीन साल पुरानी घोषणा पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है। इससे साफ है कि जींद सरकार के विकास के एजेंडा पर नहीं है। पॉलीटेक्निक कॉलेज के लिए कई गांवों की पंचायतों द्वारा प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन सरकार ने इस पर काम शुरू नहीं किया है।
डॉ. हरिचंद मिढ़ा, विधायक, जींद।
जींद के साथ हो रहा है भेदभाव
सरकार जींद के साथ विकास के कार्यों में भेदभाव कर रही है। जींद के किसानों को साथ लगते जिलों के मुकाबले कम मुआवजा दिया जा रहा है। इसी प्रकार जींद की सभी परियोजनाएं लटक रही हैं। जींद का मेडिकल कॉलेज और पॉलीटेक्नि कॉलेज जैसी परियोजनाएं शुरू नहीं पाई हैं। इससे सरकार की नीयत साफ है।
सुरेश गोयत, कांग्रेस नेता।
मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप इस परियोजना पर काम चल रहा है। इसके लिए सरकार से चौधरी रणबीर सिंह विवि में कॉलेज बनाने का प्रस्ताव आया था, लेकिन विवि प्रशासन ने जमीन देने में असहमति जताई। अब कई गांवों के प्रस्ताव सरकार को भेजे गए हैं। इस मामले में प्रगति चल रही है और अगले सप्ताह तक साइट प्लान को स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
अमित खत्री, डीसी