फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतिबंद के बावजूद शिक्षा विभाग कर रहा है हरिजन शब्द का प्रयोग, अब निदेशक करेंगे कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतिबंद के बावजूद शिक्षा विभाग कर रहा है हरिजन शब्द का प्रयोग, अब निदेशक करेंगे कार्रवाई
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
अलेवा।
बेशक हरिजन शब्द को प्रतिबंधित कर दिया है, लेकिन शिक्षा विभाग इसका प्रयोग अब तक कर रहा है। इसको लेकर अलेवा क्षेत्र के लोगों ने शिक्षा विभाग के निदेशक राजीव रतन को शिकायत भेजी है। इस पर निदेशक ने इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
निदेशक स्कूल सेकेंडरी को दी गई शिकायत में कहा गया है कि हरिजन शब्द सर्वोच्च न्यायालय व प्रदेश सरकार की ओर से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से जिला के अलेवा, सफीदो, जींद और नरवाना में हरिजन बस्ती के नाम स्कूल चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा की यह सरेआम आदेशों का उल्लंघन है। उन्होंने शिक्षा विभाग को चेताया कि अगर जल्द स्कूलों से हरिजन बस्ती शब्द को नहीं हटाया गया तो यह वर्ग सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होगा और इसका जिम्मेदार विभाग होगा।
विज्ञापन


बाक्स:-
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति के जिला प्रधान जगदीश बिसियन ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा (हरिजन) बस्ती के नाम से स्कूल चलाए जाना गलत है। संघ इसका विरोध करता है क्योंकि संविधान में हरिजन शब्द असंवैधानिक है। इस हटकर नाम राजकीय पाठशाला-वन या टू कर देना चाहिए ।

बाक्स:-
जींद बार एसोसिएशन के एडवोकेट नरेंद्र सिंहमार ने बताया कि हरिजन शब्द के ऊपर भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र व प्रदेश सरकारों को आदेश पारित कर रखा है। सरकार के किसी कार्यालय में हरिजन शब्द का प्रयोग नही किया जाएगा । अगर उसके बाद भी सरकार के किसी कार्यालय में इस शब्द का प्रयोग किया जा रहा है तो यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है ।

बाक्स
कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी सत्यावती नांदल ने कहा कि जिले में कई प्राथमिक पाठशाला हरिजन बस्ती के नाम से चल रही हैं, लेकिन यह काफी समय से पोर्टल पर चल रहा है, जिसे हटवाने के लिए निदेशक से बात करेंगी, उसके बाद ही इसका नाम हटवाया जाएगा ।
विज्ञापन


बाक्स
इस बारे मे निदेशक स्कूल सेकेंडरी (पंचकूला)हरियाणा राजीव रतन ने कहा कि हरिजन शब्द का प्रयोग करने को लेकर उनके पास शिकायत आई है और जल्द ही शिकायत अनुसार कार्यवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें