अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक जाट धर्मशाला में हुई। बैठक में 18 फरवरी की रैली के लिए खटकड़ गांव को चुना गया। खटकड़ गांव में हजारों की संख्या में जाट समाज के लोग एकजुट होकर नए आंदोलन की घोषणा करेंगे। समिति की जिला कार्यकारिणी के विस्तार के लिए राष्ट्रीय समिति को 71 नामों की सूची भेजी गई है। इस सूची में से पदाधिकारियों की घोषणा भी की जाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र जागलान ने कहा कि 18 फरवरी के शहीदी दिवस के लिए चार जगहों की सूची बनाई गई थी। समिति ने खटकड़ गांव को फाइनल किया है। यहां लोगों के इकट्ठा होने के लिए पर्याप्त जगह है। जागलान ने दावा किया 18 फरवरी को रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें हजारों की संख्या में लोग भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में लगभग एक महीना पहले खटकड़ गांव में ही समिति ने धरना दिया था। इसी को देखते हुए यहां कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया है। जागलान ने कहा कि जींद से कार्यकारिणी के विस्तार से लिए 71 लोगों सूची राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भेजी है। इसी सूची में से नए पदाधिकारियों का भी चयन किया जाएगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कैप्टन रणधीर सिंह चहल ने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष जाट समाज के साथ जो समझौता हुआ था, वह पूरी तरह से लागू नहीं किया है। मजबूरीवश जाट समाज के लोगों को फिर से आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी। जाट समाज अब अपना हक लेकर ही दम लेगा। उचाना हलके के प्रधान कैप्टन वेदप्रकाश बरसोला ने कहा कि कुछ लोग जाटों को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि वह भी जाट समाज का भला चाहने वाले हैं तो फिर जाट समाज के लोगों को ही निशाना क्यों बना रहे हैं, सरकार को क्यों नहीं। इस मौके पर जुलाना के प्रधान बलवंत सिंह, सफीदों ब्लॉक प्रधान जगदीप, अलेवा ब्लॉक प्रधान तेलुराम, महिला विंग की प्रधान सुनीता मान, ओमी देवी, उर्मिला मलिक, रामकुमार चहल, कविता, सत्यदेव, रामकरण दलाल, कुलबीर चहल, राजेश नाड़ा और जयपाल जुलानी भी मौजूद रहे।