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कैथल में होगा धरना

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फिर आंदोलन के मूड में जाट आरक्षण संघर्ष समिति, 20 नवंबर को कैथल में होगा धरना
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जाट आरक्षण की मांग और जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जेल गए समाज के लोगों को बाहर निकलवाने के लिए जाट आरक्षण संघर्ष समिति का एक गुट दोबारा से आंदोलन के मूड में आ गया है। इसको लेकर रविवार को जाट धर्मशाला समिति के सदस्यों की मीटिंग हुई। इस दौरान समिति के जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल ने कहा कि समिति 20 नवंबर से धरना शुरू करेगी।
ढुल ने कहा कि पहले धरना 20 नवंबर को कैथल में होगा। इसके बाद 22 नवंबर को जींद में धरना दिया जाएगा, 24 नवंबर को हिसार व 26 नवंबर को रोहतक में धरना देंगे। 28 नवंबर को झज्जर और 30 नवंबर को सोनीपत में धरना देकर मांगों को उठाया जाएगा। इस दौरान चांदरूप जिलेदार, मदन मलिक, होशियार सिंह गिल, बलवन सिंह, प्यारे लाल, महेंद्र सिंह जागलान, जयनारायण, ईश्वर कंडेला, सुरेश कालवा, आरडी घोघड़ियां, सूरजभान, रामकुमार भंभेवा, राजबीर सिंह, कश्मीरा मोर व ओम सिंह सांगवान मौजूद रहे।
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अाज यशपाल मलिक के खिलाफ प्रदर्शन
ढुल ने कहा कि इस दौरान समिति के लोग जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक की पोल खोलेंगे। इसके लिए छह नवंबर को रोहतक में महिलाएं प्रदर्शन करेंगी। इसमें जाट आरक्षण और आंदोलन के दौरान हुए मुकदमे वापस लेने की मांग की जाएगी।
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असली मुद्दों को छोड़ समाज को गुमराह कर रहे हैं मलिक
इस दौरान वीरभान ढुल ने कहा कि यशपाल मलिक अब जनता को गुमराह करने के लिए असली मुद्दों को छोड़कर जनता को रैलियों के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। ढुल ने कहा कि मलिक ने एक भी पैसा जाट समाज की भलाई के लिए प्रयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि जींद के बचे हुए 38 लाख रुपये जाट सेवा संघ में जमा करवाने के लिए यशपाल मलिक ने दबाव बनाया।

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