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छाएगा निडाना का कीट ज्ञान का मॉडल

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
गांव निडाना से शुरू हुई कीट ज्ञान की मुहिम आगामी शीतकालीन सत्र में संसद में चर्चा का विषय बनेगी। संसद में निडाना के कीट ज्ञान के मॉडल पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें सांसदों को भी कीटों का पाठ पढ़ाया जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने इस मामले को सिरे चढ़ाने के लिए भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश सिरोह को जिम्मेदारी सौंपी है। संसद शीतकालीन सत्र से पहले मुरली मनोहर जोशी स्वयं निडाना आकर कीट ज्ञान मॉडल को देखेंगे। इस दौरान वह यहां के किसानों के साथ बैठक कर उनके अनुभव भी जानेंगे। वहीं, कीट ज्ञान के इस मॉडल को प्रोत्साहित करने के लिए भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी हरियाणा के राज्यपाल प्राो. कप्तान सिंह सोलंकी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को चिट्ठी भी लिखेंगे।
गौरतलब है कि गत दिवस डॉ. सुरेंद्र दलाल कीट साक्षरता मिशन का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश सिरोही के नेतृत्व में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मिला था। इस दौरान बराह तपा के प्रधान कुलदीप ढांडा व समूह के प्रधान रणबीर मलिक ने भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि खाने की थाली को जहर मुक्त बनाने के लिए वर्ष 2008 में जींद जिले के निडाना गांव में कीट साक्षरता के अग्रदूत डॉ. सुरेंद्र दलाल ने यहां के किसानों के साथ मिलकर कीटों पर शोध शुरू किया था। उन्होंने किसानों के साथ मिलकर 206 किस्म के कीटों की पहचान की। इनमें 163 किस्म के मांसाहारी तथा 43 किस्म के शाकाहारी कीट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि न तो कीट हमारे मित्र होते हैं और न ही शत्रु। पौधे अपनी जरूरत के अनुसार भिन्न-भिन्न प्रकार की गंध छोड़कर कीटों को आकर्षित करते हैं। जब उनकी जरूरत पूरी हो जाती हैं तो वे शाकाहारी कीटों को नियंत्रित करने के लिए मांसाहारी कीटों को आकर्षित कर लेते हैं। मांसाहारी कीट शाकाहारी कीटों को खाकर उन्हें स्वयं ही नियंत्रित कर लेते हैं। शाकाहारी कीटों को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशकों की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि फसल में कीटनाशकों का प्रयोग करने से कीटों की संख्या कम होने की बजाए बढ़ती है, क्योंकि कीटनाशकों के छिड़काव से पौधे की गंध छोड़ने की क्षमता प्रभावित होती है। रणबीर मलिक ने बताया कि वर्ष 2008 में निडाना से शुरू हुई यह मुहिम अब हरियाणा के साथ-साथ पंजाब में भी फैल चुकी है। यदि सरकार इस मुहिम को देशभर में लागू कर दे तो सरकार के हर वर्ष कीटनाशकों व रासायनिक उर्वरकों की सब्सिडी पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये बच जाएंगे।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने किसानों के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक बातचीत कर व बारीकी से उनके अनुभव समझने के बाद संसद के शीतकालीन सत्र में कीट की प्रदर्शनी लगाने व सांसदों को भी इस मुहिम से रूबरू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने हरियाणा प्रदेश के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को चिट्ठी लिखकर इस मुहिम को प्रोत्साहित करने का आश्वासन दिया। कीट ज्ञान के इस मॉडल को समझने के लिए भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी सितंबर माह में जींद आएंगे।
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