अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
श्रीराग खेड़ा गांव स्थित पावर हाउस पर तैनात शिफ्ट दरियावाला गांव निवासी अटेंडेंट (एसए) द्वारा 25 दिन पहले आत्महत्या करने के मामले में परिजनों ने शुक्रवार को लघुसचिवालय में जमकर बवाल काटा। यहां परिजनों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद परिजनों को डीसी अमित खत्री से मिलवाया गया। जहां से प्रदर्शनकारियों को डीएसपी कप्तान सिंह के पास भेजा।
डीसी और डीएसपी के समक्ष मृतक की पत्नी मुकेश देवी ने कहा कि पुलिस जानबूझकर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर रही। यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह अपने बच्चों के साथ आत्महत्या कर लेगी। इसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा।
दरअसल, पुलिस को एसए राजसिंह के पास मिले सुसाइड नोट में एक कर्मचारी सुखबीर पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए गए। इस पर सदर थाना में केस भी दर्ज किया गया है। परिजनों ने कहा कि पुलिस के पास सुसाइड नोट सबसे बड़ा प्रमाण है। लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।
बच्चों की छुट गई पढ़ाई
पीड़िता मुकेश देवी ने कहा कि उसके एक बेटे का दाखिला आर्मी स्कूल में है। एक बेटी पंजाब में बीएससी की पढ़ाई कर रही और दूसरी बेटी जाट स्कूल में 12वीं की छात्रा है। मुकेश देवी के अनुसार आरोपी उसे तीनों बच्चों को मरवाने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में उन्होंने तीनों बच्चों को घर पर बैठा लिया है। आर्मी स्कूल में पढ़ रहा लड़का तो परीक्षा भी नहीं दे पा रहा है।
डीएसपी अंकल आपके भी तो बच्चे हैं, उन्हें धमकी मिले तो कार्रवाई करोगे
डीसी अमित खत्री से मिलने के बाद जब ग्रामीण डीएसपी कप्तान सिंह के पास पहुंचे तो मृतक राजसिंह की बड़ी बेटी ने डीएसपी को कहा कि अंकल आपके भी तो बच्चे हैं। अगर उनको धमकी मिले तो क्या आप कार्रवाई नहीं करोगे। इस पर डीएसपी कप्तान सिंह ने कहा कि तीन दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी।
पैसे ऐंठने का आरोप
राज सिंह की पत्नी और बेटियों ने कहा कि आरोपी सुखबीर उनके पैसे भी ऐंठता था। पैसे नहीं देने पर बच्चों को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इससे तंग आकर ही राज सिंह ने आत्महत्या की है।
निगम अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
पिछले 25 दिन से फरार चल रहे और आत्महत्या को मजबूर करने का केस दर्ज होने के बावजूद बिजली निगम ने अपने कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इस बारे में जब अमर उजाला टीम ने नगूरां बिजली निगम के एसडीओ से बात की उन्होंने कहा कि सुखबीर फिलहाल ड्यूटी पर नहीं है। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई के बारे में कुछ भी बताने से एसडीओ ने मना कर दिया।
पुलिस कर रही छापेमारी
पीड़ित परिजनों की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर रखा है। पुलिस लगातार गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। फिलहाल आरोपी फरार है। ऐसे में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया सका है।
- रवीश कुमार, थाना प्रभारी सदर जींद।
जांच सीआईए को सौंपी
मामले की जांच सीआई को सौंप दी गई है। तीन दिन में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मृतक के परिजन मुझसे मिले हैं, आरोपियों को हर हाल में कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
- कप्तान सिंह, डीएसपी।
- बिजली के शिफ्ट अटेंडेंट आत्महत्या मामला : डीसी ऑफिस पहुंचे परिजन, पत्नी बोली बच्चों को मरवाने की मिल रही हैं धमकियां, आरोपी नहीं पकड़े गए तो बच्चों के साथ कर लूंगी आत्महत्या
- डीएसपी ने सीआईए को सौंपी जांच, तीन दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन