11जेएनडी11: तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के कार्य के चलते पहुंचे महिला व पुरूष। संवाद
जींद। प्रदेश में तहसीलदारों पर कई ब्लॉक का पद भार होने और कागज की धीमी जांच के कारण प्रदेश में 6016 रजिस्ट्रियां अटकीं हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं प्रदेश में 25585 रजिस्ट्रियां अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। जिले में 12285 रजिस्ट्रियों काे स्वीकृति मिल चुकी है और 316 को स्वीकृति का इंतजार है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए पेपरलेस व्यवस्था लागू की गई थी। अब तक प्रदेश में 276117 रजिस्ट्रियां पेपरलेस माध्यम से पूरी की जा चुकी है। प्रदेश में तहसीलदारों पर कई तहसीलों का भार है। वहीं उनके द्वारा रजिस्ट्री के कागजा की जांच भी धीमी गति से की जा रही है। इससे लंबित रजिस्ट्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
राजस्व कार्यों के निपटान को लेकर वित्तीय राजस्व आयुक्त सुमिता मिश्रा पहले ही प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक कर चुकी हैं। बैठक में लंबित पड़ी रजिस्ट्रियां को जल्द निपटाने और तकनीकी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए थे।
अप्रूवल और अटकी रजिस्ट्री पर एक नजर
जिला-अप्रूवल अटकी रजिस्ट्री
यमुनानगर-9967-247
सोनीपत-18698-171
सिरसा 12580-325
रोहतक-8835-90
रेवाड़ी-10470-157
पानीपत-11992-424
पंचकूला-6064-79
पलवल-10381-408
मेवात-8812-119
महेंद्रगढ़-7302-131
कुरुक्षेत्र-13539-80
करनाल-12037-463
फतेहाबाद-10747-224
गुरग्राम-42591-881
हांसी-2643-35
हिसार-14054-257
कैथल-11144-158
जींद-12285- 316
झज्जर-13737-114
फरीदाबाद-17238-294
चरखी दादरी-3542-463
भिवानी-8718-303
अंबाला-11155-277
कुल-278531-6016
लंबिंत रजिस्ट्रियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वीरवार को भी वित्तीय राजस्व आयुक्त ने कॉन्फ्रेंसिंग से राजस्व अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा की थी।-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद