घरेलू हिंसा, छेड़खानी और अन्य पीड़ित महिलाओं को राहत दिलाने के लिए नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थापित किया गया सुकून केंद्र महिलाओं को ज्यादा राहत नहीं दिला पा रहा है। सुकून केंद्र की हालत यह है कि एक साल में केवल 54 महिलाएं ही मदद के लिए यहां पहुंची हैं। वहीं इस दौरान पुलिस थाने में एक हजार से ज्यादा महिलाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर गुहार लगाई है। इससे साफ है कि नागरिक अस्पताल में चल रहा सुकून केंद्र महज कागजों में ही काम कर रहा है।
घरेलू हिंसा, छेड़खानी, मारपीट, दहेज प्रताड़ना, दुष्कर्म के मामले, आत्महत्या के प्रयास की शिकार महिलाओं को तुरंत सुकून देने के लिए नागरिक अस्पताल में दो साल पहले सुकून केंद्र स्थापित किया गया था। इसमें एक काउंसलर की ड्यूटी पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए लगाई गई है। सुकून केंद्र में अप्रैल 2018 से इस साल मार्च तक केवल 54 महिलाएं ही मदद के लिए पहुंची हैं। 2018 में अप्रैल में छह, मई में तीन, जून में पांच, जुलाई में 18, अगस्त में छह, सितंबर में तीन, अक्तूबर में चार, नवंबर में पांच, दिसंबर में चार महिलाएं ही सुकून केंद्र पहुुंची। इसी प्रकार जनवरी 2019 में चार, फरवरी में तीन व मार्च में तीन महिलाएं ही मदद के लिए पहुंची हैं। इसमें से भी घरेलू हिंसा व मारपीट की घटनाओं की शिकार महिलाओं की संख्या 34 रही है। 20 महिलाएं छेड़खानी व दुष्कर्म मामलों की शिकायत लेकर पहुंची हैं।
सुकून केंद्र से ज्यादा भरोसा महिलाओं को पुलिस थाने पर
घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं का भरोसा नागरिक अस्पताल के सुकून केंद्र से ज्यादा महिला पुलिस थाने पर रहा है। पिछले एक साल में सुकून केंद्र में जहां केवल 54 महिलाएं ही मदद के लिए आई हैं, वहीं थाने में एक हजार से ज्यादा महिलाओं ने मदद की गुहार लगाई है। इससे जाहिर है कि महिलाओं को ज्यादा भरोसा महिला पुलिस थाने पर ही है। पिछले डेढ़ साल के दौरान नागरिक अस्पताल स्थित सुकून केंद्र का जो हाल है, उसे देखते हुए और ज्यादा प्रभावी बनाने की जरूरत है। यहां पर स्थापित सुकून केंद्र का प्रचार महिलाओं के बीच नहीं है या फिर सुकून केंद्र का कामकाज ऐसा है कि महिलाओं का भरोसा इसके प्रति बढ़ने के बजाय घट रहा है।
सुकून केंद्र को प्रभावी बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को सुकून केंद्र के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे में महिलाओं से आग्रह है कि वह जरूरत पड़ने पर सुकून केंद्र में अधिकारियों की मदद ले सकती हैं। महिलाओं की मदद के लिए ही सुकून केंद्र की स्थापना की गई है। महिलाओं की समस्या को प्राथमिकता से हल करने की कोशिश है।
-डॉ. निशा, नोडल अधिकारी सुकून केंद्र।