लगातार तीसरे दिन भी वीरवार को मानसून की झमाझम बारिश हुई। जिले में सबसे अधिक बारिश सफीदों व पिल्लूखेड़ा खंड में 52 एमएम दर्ज की गई। वीरवार को आई बारिश के कारण नगूरां व उचाना क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव की स्थिति हो गई। इसके चलते उचाना के एसडीएम ने क्षेत्र का दौरा भी किया। वहीं लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे बारिश के कारण खिले हुए हैं। जिले में अब धान की रोपाई रफ्तार पकड़ रही है।
लोग लंबे समय से मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार सुबह से बारिश शुरू हुई, जो बुधवार व वीरवार को भी हुई। सबसे खास बात यह रही कि बारिश कुछ देर के लिए हुई और पर्याप्त हुई। जहां एक ओर किसानों को बारिश से राहत मिली है, वहीं अधिक बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बनी हुई है। जल भराव के कारण लोग सड़कों पर फंस रहे हैं तो कई जगह घरों में भी बारिश का पानी घुस गया।
अंडर पास से पानी निकालने का काम शुरू
वहीं जींद में रेलवे अंडरपास में भरा बारिश का पानी निकलाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए बिजली का पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार यहां लगे पंप की मोटर खराब हो गई थी, जिसे अब बदल दिया है। ऐसे में यहां जलभराव की स्थिति नहीं होगी।
जिले में बारिश
खंड बारिश (एमएम)
जींद बूंदाबांदी
नरवाना 19
उचाना 30
सफीदों 52
पिल्लूखेड़ा 52
अलेवा 18
बारिश ने खोली सफीदों नगरपालिका के विकास कार्यों की पोल,
सफीदों में वीरवार सुबह हुई बारिश ने नगरपालिका के विकास कार्यों की पोल खोल दी। 35 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी शहर में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। बारिश होते ही शहर सड़कें व गलियां जलमग्न हो गई। जिनमें रामपुरा रोड, मकबरा पीर के पास, कन्या कालेज के मुख्य द्वार पर, रामलीला मैदान एवं वार्ड नंबर 13, वार्ड नंबर चार शामिल हैं। पानी भरा होने कारण वाहन चालकों व शहरवासियों को भारी परेशानी होती है।