उचाना। शहर के राशन डिपो गेहूं में बिना गुणवत्ता वाले गेहूं में मिट्टी, मंडूसी आने की मिल रही शिकायतों पर आईएफएस कृष्ण कुमार जींद, उचाना एएफएसओ बबीता की अगुवाई में टीम ने शहर के साथ आसपास के गांवों में राशन डिपो का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डिपो पर जो गेहूं के बैग थे उनकी जांच की गई। पिल्लूखेड़ा के जिस गोदाम से यह गेहूं के बैग मंगवाए गए थे उसको लेकर पीआर इंचार्ज निरीक्षक खाद्य एवं पूर्ति पिल्लूखेड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
एएफएसओ बबीता ने बताया कि छह राशन डिपो में जाकर अप्रैल में वितरित किए जाने वाले गेहूं की गुणवत्ता की जांच की गई। कहीं पर भी गेहूं का रंग काला नहीं मिला। गेहूं खराब तो नहीं मिला, लेकिन जांच के दौरान गेहूं के बैगों में मिट्टी, मंडूसी गेहूं में मिली। पिल्लूखेड़ा के जिस गोदाम से यह गेहूं के बैग मंगवाए गए हैं उस गोदाम के पीआर इंचार्ज निरीक्षक खाद्य एवं पूर्ति को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। उचाना केंद्र के सभी राशन डिपो होल्डर को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में यदि गेहूं खराब मिला तो तुरंत प्रभाव से सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी उचाना को जानकारी दें। खराब गेहूं पात्र कार्डधारकों को किसी भी सूरत में वितरित नहीं करें।
गेहूं में मिट्टी के साथ मंडूसी भी
पिछले दो महीने से राशन डिपो द्वारा राशन कार्डधारकों को बांटे जा रहे गेहूं में मिट्टी, मंडूसी मिल रही थी। गेहूं लेकर जाने वाले लोग डिपोधारकों को शिकायत करते थे, लेकिन उनका एक ही जवाब होता था कि गोदाम से गेहूं के बैग आए हैं। पीछे से गेहूं के बैगों में मिट्टी, मंडूसी आई है। इसमें वो क्या कर सकते हैं। इसलिए मजबूरी में लोगों को जो गेहूं राशन डिपो से मिलता था वही लेकर जाना पड़ता था।