पुल निर्माण रुकवाने को लेकर दुकानदारों का धरना जारी
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। नेशनल हाईवे पर बनने वाले पुल को रद्द करवाने की मांग को लेकर अब दुकानदार शांतिपूर्ण आंदोलन चलाएंगे। वीरवार से प्रतिदिन एक दुकानदार अनशन पर बैठेगा, जब तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिनिधि दुकानदारों के पास पुल रद्द करने के आश्वासन देने के लिए नहीं पहुंचता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह फैसला पुराने बस स्टैंड पर पुल हटाओ, रोजगार बचाओ समिति द्वारा दिए जा रहे धरने पर दुकानदारों ने लिया। हर रोज दुकानदारों द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर भी पुल को रद्द करके दुकानदारों को रोजगार बचाने की मांग की जा रही है।
पुराने बस स्टैंड पर दुकानदारों ने आठवें दिन बुधवार को भी धरना जारी रखा। यहां पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुल निर्माण को दुकानदारों के विरोध बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। युवा भाजपा नेता जितेंद्र छातर ने बताया कि दुकानदारों का प्रतिनिधि मंडल वीरवार को सीएम मनोहर लाल से मिलेगा। सड़क राजमार्ग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी दुकानदार पुल निर्माण को रद्द करने की मांग के लिए मिलेंगे। उनका कहना है कि 400 के करीब दुकानों को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
पुल निर्माण की नहीं है जरूरत
दुुकनदारों को कहना है कि यहां पुल की जरूरत नहीं है। यातायात व्यवस्था सही रखने के लिए उचाना में बाईपास बनाया जाना चाहिए। दुकानदारों के अनुसार वीरवार से एक दुकानदार प्रतिदिन अनशन पर बैठेगा। यहां पुल का निर्माण किए जाने से करीब 400 लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।
कांग्रेस सांसद से मिले दुकानदार
पुल रद्द करवाने की मांग को लेकर दुकानदार प्रतिनिधिमंडल के सदस्य आनंद जैन, जसवंत छातर, यशपाल पांचाल, सुभाष पांचाल कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा से मिले। दीपेंद्र हुड्डा के साथ दुकानदार एनएचआई के चेयरमैन युद्धबीर मलिक से मिले। दुकानदारों ने पुल निर्माण होने पर 400 से अधिक दुकानदारों के प्रभावित होने के चलते इसको रद्द करने की मांग की। युद्धवीर मलिक ने एक सर्वे टीम को उचाना दुकानदारों की मांग पर भेजने की बात कही। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दुकानदारों का प्रतिनिधिमंडल एनएचआई चेयरमैन एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सचिव युद्धबीर मलिक से मिला। यहां पर सर्वे टीम भेजी जाएगी जो यह आंकलन करेगी कि पुल बनने से कितनी दुकानें प्रभावित होती है।