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दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने में %दिव्यांग’ हुई व्यवस्था

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आदेश के बावजूद भी नहीं बनाए जा रहे दिव्यांग प्रमाण पत्र
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाने वाली व्यवस्था खुद ही दिव्यांग हो गई है। दो महीने से दिव्यांगों के प्रमाण पत्र के लिए की गई व्यवस्था के बावजूद एक बार भी चिकित्सक दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए नहीं पहुंचे हैं। इससे हर सप्ताह दिव्यांग निराश होकर जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक द्वारा किए गए आदेश के बाद भी स्थिति जस की तस है। इस बुधवार भी जांच के लिए न तो फिजीशियन पहुंचे और न ही नेत्र चिकित्सक। दरअसल जींद के नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की काफी कमी है। वहीं फिजीशियन डॉ. नरेश वर्मा जुलाना में एसमओ हैं, लेकिन प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े के चलते उनको बोर्ड से हटाया गया है। ऐसे में अब दिव्यांगों के लिए हर बुधवार को रोहतक से फिजीशियन, ईएनटी के चिकित्सक रोहतक से आते हैं और नेत्र विशेषज्ञ नरवाना के नागरिक अस्पताल से जींद आते हैं। केवल हड्डी रोग विशेषज्ञ जींद में तैनात हैं। हर बार कोई न कोई चिकित्सक बोर्ड में नहीं पहुंच पाता। इस बुधवार को नेत्र रोग चिकित्सक व फिजीशियन नहीं आए। इससे प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे लोगों को काफी परेशानी हुई। गौरतलब है कि हर बुधवार को दिव्यांगों के सर्टिफिकेट बनाए जाते हैं। नागरिक अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने पर दिव्यांगों की सुविधा के लिए डीजी ने रोहतक से फिजीशियन व ईएनटी को जांच के लिए जींद नागरिक अस्पताल में आने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद बुधवार को रोहतक से फिजीशियन व आई सर्जन नहीं पहुंचे। सिर्फ हड्डी रोग विशेषज्ञ व ईएनटी चिकित्सक ही मौजूद रहे। फिजीशियन व आई सर्जन चिकित्सक के नहीं आने पर जांच के लिए आए दिव्यांगों को वापस ही लौटना पड़ा।
बार-बार चक्कर काट रहे दिव्यांग
चिकित्सकों की कमी के चलते दिव्यांगों की जांच के लिए रोहतक से फिजीशियन व ईएनटी को ड्यूटी के बाद नागरिक अस्पताल में पहुंचने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद भी कभी फिजीशियन, कभी ईएनटी तो कभी आई सर्जन बुधवार को चेकअप के लिए नहीं आते। जिस वजह से दिव्यांगों को बार-बार नागरिक अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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डीजी के आदेशों के बावजूद चिकित्सक चेकअप के लिए नागरिक अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। इससे दिव्यांगों को काफी परेशानी होती है। केवल बुधवार को ही दिव्यांगों का चेकअप होता है। चिकित्सकों को चाहिए कि वह बुधवार को चेकअप के लिए अवश्य पहुंचे। इससे जरूरतमंदों का चेकअप सही समय पर हो सके और जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।
डॉ. संजय दहिया सिविल सर्जन, जींद।
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