सरपंचों और ग्राम सचिवों को मिलेगा यूजर आईडी और पासवर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अब पंचायतों की कार्य प्रणाली हाईटेक होने जा रही है। विकास कार्यों से लेकर ग्रांट तक सब काम ऑनलाइन अप्रूव होंगे। इसके लिए सरपंचों को यूजर आईडी और पासवर्ड मुहैया कराया जाएगा। डीडीपीओ कार्यालय की देखरेख में जिले की सभी 300 पंचायतों के सरपंच और ग्राम सचिवों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार किए जा रहे हैं। इससे एक तो पेपरलेस कार्य होगा तो दूसरी ओर सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम को बढ़ावा मिलेगा। विकास कार्यों के लिए तैयार किए जाने वाली भारी भरकम फाइल सरपंच, ग्राम सचिव को देते हैं, इसके बाद बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचती है। इसके बाद उसे जुड़े अधिकारी के पास फाइल जाती है। इस लंबी प्रक्रिया के चलते समय पर विकास कार्य शुरू नहीं हो पाता। इसके लिए अब सभी सरपंचों और ग्राम सचिवों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा सभी कल्याणकारी योजनाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे आम जनता घर बैठे ही योजनाओं का लाभ ले सकेगी। इसके चलते अब पंचायतों की कार्य प्रणाली भी अब हाईटेक होने जा रही है।
समय की होगी बचत
किसी भी ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्यों का एस्टीमेट पहले ग्राम सचिव के पास जाता है। ग्राम सचिव के बाद बीडीपीओ कार्यालय फाइल को भेजा जाता है। इसके बाद पंचायती राज के एक्सईएन से अप्रूवल मिलने के बाद फाइल को डीडीपीओ कार्यालय भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में एक एस्टीमेट की अप्रूवल लेने में कम से कम दो से तीन महीने लग जाते हैं। अब ग्राम पंचायतों और ग्राम सचिवों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद यह सारे काम ऑनलाइन हो जाएंगे। इससे कम समय में विकास कार्यों की परियोजनाओं पर काम हो सकेगा।
विकास कार्यों में आएगी तेजी
सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच और ग्राम सचिवों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए सभी सरपंचों और ग्राम सचिवों को यूजर आईडी और पासवर्ड भी दिए जाएंगे। इससे विकास कार्यों की अप्रूवल लेने के लिए फाइलों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पहले एक प्रोजेक्ट के अप्रूवल में महीनों लग जाते थे। जिसकी वजह से गांवों में विकास कार्य देरी से शुरू हो पाते थे। ऑनलाइन प्रक्रिया से विकास कार्यों में तेजी आएगी। यह सरकार की एक अच्छी पहल है।
राजेश कोथ, डीडीपीओ।