सीएम की एक दिवसीय धार्मिक यात्रा: पांडवों की सेना ने जहां से किया था कुरुक्षेत्र के मैदान में प्रवेश, मनोहर की यात्रा का वहां होगा अंतिम पड़ाव
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सीएम मनोहर लाल शनिवार को जींद के उन धार्मिक स्थलों का दौरा करेंगे, जो कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में आते हैं। सीएम की यात्रा के लिए रूट तैयार किया गया है। मान्यता है कि महाभारत के युद्ध में पांडवों की सेना ने जींद जिला के पोंकरीखेड़ी गांव के रास्ते युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र में प्रवेश किया था, लेकिन सीएम के कार्यक्रम के अनुसार पोंकरीखेड़ी गांव में उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव होगा। वहीं सीएम मनोहर लाल पोंकरीखेड़ी व पानीपत जिला के सींक गांव में स्थापित यक्ष के मध्य में पड़ने वाले जींद जिला के आसन गांव से यात्रा शुरू करेंगे। इसके लिए प्रशासन व भाजपा नेताओं ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।
पार्टी नेताओं के बीच सीएम के दौरे का रूट चर्चा का विषय है। पार्टी के कुछ नेता इस रूट प्लान से खुश नहीं हैं। इसको लेकर दो दिन पूर्व सीएम के ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने भाजपा नेताओं के साथ मीटिंग कर तैयारियों का जायजा लिया है। इस दौरान कुछ नेताओं ने रूट को लेकर अपनी राय दी थी। दरअसल भाजपा के ऐसे नेताओं का मानना है कि सीएम को अपनी यात्रा उस स्थान पर पूरी नहीं करें, जहां से पांडवों ने युद्ध के मैदान में प्रवेश किया था। इन लोगों का तर्क है कि सीएम को अपनी यात्रा पोंकरीखेड़ी गांव से ही शुरू करनी चाहिए। इसी रास्ते से पांडव कुरुक्षेत्र के मैदान में पहुंचे थे। फिलहाल यह रूट उलटा बनाया गया है।
यह रहेगा रूट प्लान
सीएम मनोहर लाल सुबह नौ बजे आसन गांव स्थित अश्वनी कुमार तीर्थ से यात्रा शुरू करेंगे। इसके बाद वे बराह गांव स्थित वराह तीर्थ, पांडू पिंडारा गांव स्थित सोम तीर्थ, जींद शहर के सफीदों गेट स्थित भूतेश्वर तीर्थ, बरसोला गांव स्थित वंश मुलक तीर्थ, ईक्कस गांव स्थित ढुंढू तीर्थ, रामराय गांव स्थित सन्निहित तीर्थ और इसके बाद पोंकरी खेड़ी स्थित पुष्कर तीर्थ पर जाएंगे। सीएम इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी करेंगे। इसको लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बरसोला गांव से लौटते हुए सीएम चीनी मिल में पेराई क्षमता वृद्धि परियोजना का शुभारंभ करेंगे।
धार्मिक स्थल सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं हैं, यह भारतीय सभ्यता का आधार हैं। ऐसे में पहली बार किसी सरकार ने इनके महत्व को समझा है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि दौरा कहां से शुरू होगा। सभी धार्मिक स्थलों का महत्व है।
-अमरपाल राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा।