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कंप्यूटर प्रोफेशनल ने काम छोड़ की हड़ताल, सरकारी कार्यालयों का कामकाज बाधित

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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर का काम कर रहे कंप्यूटर प्रोफेशनलों पर रविवार को करनाल में हुए पुलिस लाठीचार्ज और कुछ लोगों की गिरफ्तारी का असर सोमवार को जिले के सरकारी कार्यालयों पर नजर आया। जिले के तमाम सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर से जुड़ा हर तरह का काम सोमवार को पूरी तरह ठप्प रहा। हड़ताली कंप्यूटर कर्मचारियों ने काम छोड़कर नेहरू पार्क में बैठक कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सरकारी कार्यालयों में अपने कामों के लिए आए लोगों को इन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण निराश होकर घर लौटना पड़ा।
जिले में डीआईटीएस और आउटसोर्सिंग के तहत लगे कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामरों और जूनियर प्रोग्रामरों ने पूर्ण हड़ताल की। यह सभी कर्मचारी अपने दफ्तर और कंप्यूटर छोड़कर नेहरू पार्क में पहुंच गए। जिले में 130 कर्मचारी डीआईटीएस और आउटसोर्सिंग के तहत सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर पर काम करते हैं। सोमवार को इनकी हड़ताल का नतीजा यह रहा कि जींद, नरवाना, सफीदों, उचाना, जुलाना, पिल्लूखेड़ा और अलेवा में डीसी कार्यालय से लेकर एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालयों तथा बीडीपीओ कार्यालयों में कंप्यूटर से जुड़ा कोई काम नहीं हो पाया। शुक्रवार से रविवार तक तीन दिन सरकारी अवकाश होने के चलते सोमवार को हजारों लोग सरकारी कार्यालयों में अपने काम करवाने के लिए पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि सोमवार को उनके काम होंगे लेकिन सरकारी दफ्तरों में सारा काम ऑनलाइन और कंप्यूटराइज्ड होने के कारण लोगों के काम नहीं हो पाए। उन्हें निराश और बैरंग घर लौटना पड़ा। एसडीएम कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वाहनों की आरसी बनवाने तक के तमाम काम पूरे जिले में ठप्प रहे। इसी तरह तहसीलों में जमीनों की रजिस्ट्री आदि का काम नहीं हो पाया।
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समान वेतन की मांग
कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के जिला प्रधान अजीत ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटरों, जूनियर प्रोग्रामरों और प्रोग्रामरों की मांग है कि समान काम के लिए उन्हें समान वेतन दिया जाए। इस समय नियमित कर्मचारियों से बहुत कम वेतन पर उनसे काम करवाया जा रहा है। यह उनका आर्थिक शोषण है। इस आर्थिक शोषण के खिलाफ उन्होंने आवाज बुलंद की है। इसके अलावा इन कर्मचारियों की मांग यह भी है कि वह जिन विभागों में काम कर रहे हैं, उन विभागों में उन्हें समायोजित किया जाए। इन मांगों को लेकर ही करनाल में रविवार को उन्होंने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वह हड़ताल पर हैं। इसके अलावा जींद तहसील के कंप्यूटर ऑपरेटर सतीश की करनाल में गिरफ्तारी के विरोध में हड़ताल की गई है।
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जुलाना में ठप रहा काम
सीएम सिटी करनाल में नियमित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों पर लाठी चार्ज करने के विरोध में कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ हड़ताल पर रहे। ई-दिशा से संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर रहने के कारण लोगों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को बिना काम के तहसील से घर बैरंग लौटना पड़ा। कंप्यूटर ऑपरेटरों के हड़ताल पर रहने से अटल सेवा केंद्रों पर काम ठप रहा। डोमोसाइल, एससी सहित अनेक सर्टिफिकेट का काम नहीं हो सका। जागसी के हरिचंद्र और फतेह सिंह, सिघवा के पालाराम व लक्ष्मण, बुआना गांव के सतपाल और भगवान दास ने कहा कि वह शादी का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए तहसील कार्यालय में आए थे। तहसील कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर होने के कारण ताला लगा पड़ा। बिना काम के ही उन्हें बैरंग घर लौटना पड़ा। अटल सेवा केंद्रो पर सभी प्रकार के सर्टिफिकेट जैसे डोमोसाइल, एसएसी सर्टिफिकेट बनते हैं और तहसील कार्यालय से वेरिफाई होते हैं। सर्टिफिकेट वेरिफाई नहीं हो सके जिसके चलते लोगों को वह अटल सेवा केंद्रों के वीलए को भी अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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