जींद। श्रम विभाग की टीम ने बाल श्रम को रोकने के लिए कई दुकानों की जांच की। इस दौरान टीम ने पांच बच्चों को मजदूरी करते हुए पाया। इन बच्चों को दुकान संचालकों से मुक्त करवाया और शहर थाना में बाल श्रम करवाने पर दुकानदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इन बच्चों से दिनभर 100 से 200 रुपये में काम करवाया जा रहा था।
बाल श्रम को लेकर विभाग की टीम ने रुपया चौक पर शिव ऑटो गैरेज से दो बच्चों को छुड़वाया। इन बच्चों की आयु 15 वर्ष से कम पाई गई। इनसे सुबह 9 से शाम 7 बजे तक प्रतिदिन के 100 रुपये में काम करवाया जा रहा था। इस पर पुलिस ने दुकान मालिक सुभाष के खिलाफ शिकायत दी। इसके अलावा जेके मेडिकल हॉल रुपया चौक पर एक बच्चा काम करते हुए मिला। उसको 2500 रुपये मासिक दिया जाता था। मेडिकल संचालक जोगिंद्र की भी शिकायत दर्ज करवाई गई है। ममता इम्पोरियम नजदीक शिव चौक झांझ गेट पर 16 वर्षीय किशोर को 11 महीने से पांच हजार रुपये मासिक पर काम करवाया जा रहा था। यह किशोर सुबह 9 से रात साढ़े 8 बजे तक काम करता था। इसके अलावा नीजर फ्रूट जूस एंड शेक नजदीक पटिचाला चौक पर 16 वर्षीय किशोर काम करते हुए मिला। चार महीने से काम कर रहे किशोर को सात हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था। दुकान मालिक नीरज की भी शिकायत दर्ज करवाई गई। इस तरह श्रम विभाग की टीम ने दुकानों से पांच किशोरों को मुक्त करवाया। सभी दुकान संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर शहर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।