जींद। रोडवेज डिपो के बेड़े में जल्द ही कुरुक्षेत्र डिपो से बीएस-6 मॉडल की पांच बसें शामिल होंगी। वहीं, डिपो की बीएस-3 की पांच बसों को कुरुक्षेत्र भेजा जाएगा, जिससे डिपो में सभी बसें बीएस-6 की हो जाएंगी। इसके बाद डिपो की बसें दिल्ली एनसीआर में भी आवागमन कर सकेंगी। दिल्ली एनसीआर में नियमानुसार बीएस-6 के वाहन चलाने के आदेश हैं।
इसको लेकर कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएसक्यूएम) नई दिल्ली की तरफ से निर्देशानुसार वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर सरकार के प्रधान सचिव और परिवहन विभाग के साथ बैठक हुई। इसमें दिल्ली एनसीआर क्षेत्र विभिन्न रोडवेज डिपो से बीएस-3 मॉडल की बसों को एनसीआर से बाहर दूसरे डिपो में भेजा जाए, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके।
गौरतलब है कि इस समय डिपो में 169 बस ऑनरूट हैं, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बसें शामिल हैं। 169 बसों पर 230 चालक व 265 परिचालक कार्यरत हैं। 1.7 नोरम के हिसाब से डिपो में 169 बसों पर 288 चालक व परिचालकों की जरूरत है। पिछले एक साल में डिपो में 100 से ज्यादा नई बस शामिल हो चुकी हैं। जींद डिपो की इस समय 169 बसों में हर रोज लगभग 17 हजार यात्री सफर करते हैं, जिससे जींद डिपो को लगभग हर रोज 12 से 13 लाख रुपये का राजस्व मिलता है।
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मई में भी लिया था फैसला
मई में राज्य परिवहन के अतिरिक निदेशक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी महाप्रबंधक के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में बसों के बेड़े अनुसार संचालन की संभावना व चालक और परिचालकों के स्टाफ की कमी या अधिकता के चलते बसों को दूसरे डिपो में स्थानांतरित करने बारे विचार विमर्श किया था। इसमें डिपो की अशोक लेलैंड की 30 बस दूसरे डिपो में भेजे जाने और बदले में टाटा की 12 बस शामिल करने का निर्णय लिया गया था। अगस्त में जींद डिपो की 15 बस नूंह और 15 बस पलवल भेज दी गई थी, लेकिन सोनीपत से आने वाली 12 बस जींद डिपो में नहीं आई है। हालांकि, वे 12 बस बीएस-3 मॉडल की थी और उनका समय भी कम ही रह गया था।
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कुरुक्षेत्र डिपो से बीएस-6 मॉडल की पांच बसें जींद डिपो में शामिल होंगी। वहीं, जींद डिपो की बीएस-3 की पांच बसों को कुरुक्षेत्र भेजा जाएगा। इन बसों के शामिल होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
-राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद