जींद। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि जिला की मंडियों में गेहूं की आवक जारी है। वीरवार तक जिले में करीब 485 मीट्रिक टन गेहूं की आवक विभिन्न परचेज सेंटरों और मंडियों में हुई, जिसे सरकारी खरीद एजेंसियों की ओर से खरीदा गया। मंडियों से गेहूं उठान तुरंत करवाने के आदेश खरीद एजेंसी को दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग ने 38 मीट्रिक टन और हैफेड ने 447 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। इस आवक में से अलेवा मंडी में 342 एमटी, छतर मंडी में 16 एमटी, नरवाना मंडी में 105 एमटी और उचाना मंडी में 22 मीट्रिक टन गेहूं की फसल को खरीद एजेंसियों ने खरीदा है।
गेहूं की आवक तेज : मंडी यार्ड और सब यार्डों में गेंहू की आवक तेज हो गई है। नरवाना मंडी समेत यार्ड व सब यार्ड में अब तक 122869 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। वहीं अकेले नरवाना की मंडी में 81379 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। इसमें से हैफेड एजेंसी की ओर से शुक्रवार को 16480 क्विंटल गेहूं की खरीद भी की गई है। वहीं वीरवार को भी हैफेड ने 1055 क्विंटल गेहूं की खरीद की थी। अब मंडी में 63844 क्विंटल गेहूं बिना बिका हुआ पड़ा हुआ है। अगर बात करे यार्ड सब यार्डों में गेहूं की आवक की तो धमतान साहिब में 11512 क्विंटल, गढ़ी में 9368 क्विंटल, धनौरी में 6211, बरटा में 7629, बेलरखा में 205, मंगलपुर में 4390 और फुलिया कलां में 2175 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है।
मंडियों में गेहूं की खरीद पूरी तरह शुरू नहीं करवा पाई सरकार : रेढू : जींद। इनेलो जिलाध्यक्ष विजेंद्र रेढू ने कहा कि एक अप्रैल से हरियाणा प्रदेश की मंडीयों में गेहूं की खरीद शुरू करने का वादा करने वाली सरकार की पोल खुल गई है। जिला जींद में अलेवा और उचाना को छोडक़र किसी भी मंडी में आज तक खरीद शुरू नहीं हुई।
जींद की मंडीयों में लगभग छह लाख 50 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। इसक बदले सरकार ने मात्र लगभग 6000 क्विंटल की ही खरीद की। यही हाल पूरे हरियाणा प्रदेश का है। जो कि सरकार का किसानों के प्रति नकारात्मक सोच ओर उदासीन रवैया दर्शाता है। प्रदेश में ओलावृष्टि और वर्षा से फसल का नुकसान हुआ है। इसलिए इनेलो सरकार से मांग करती है कि मंडियों में तुरंत प्रभाव से खरीद शुरू की जाए और किसानों को पूरा एमएसपी का रेट दिया जाए। इसके अलावा अति शीघ्र उठान किया जाए ताकि आगे आने वाली फसल को मंडियों में डाला जा सके और किसान को ज्यादा परेशानी नहीं हो।