जींद। खरीफ सीजन 2026-27 में जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है लेकिन सरकारी खरीद अभी आवक की तुलना में काफी पीछे है। तीन अक्तूबर तक जिले की 15 मंडियों में कुल 4836 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है।
सरकारी एजेंसियों और मिलर्स की ओर से अब तक 167 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। मिलर्स के पंजीकरण की प्रक्रिया तेज होने के बाद अब खरीद में तेजी आने की उम्मीद है। शनिवार तक जिले में 11 मिलर्स का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
तीन अक्तूबर तक सबसे अधिक धान की आवक नरवाना मंडी में हुई है। यहां 2524 एमटी धान पहुंचा जिसमें से 133 एमटी की खरीद हो चुकी है। इसके अलावा पिल्लूखेड़ा में 611 एमटी, उचाना में 397 एमटी, सफीदों में 304 एमटी, धमतान में 284 एमटी, अलेवा में 237 एमटी, दनौदा में 220 एमटी, नागूरा में 133 एमटी, गढ़ी में 64 एमटी और जींद मंडी में 60 एमटी धान पहुंचा है। मंगलपुर में दो एमटी आवक दर्ज हुई है।
जुलाना, खरल और काब्रच्छा समेत कुछ मंडियों में अभी धान की आवक दर्ज नहीं हुई है। जिले में हुई 167 एमटी खरीद में नरवाना का हिस्सा 133 एमटी और उचाना का 34 एमटी रहा। आंकड़ों में सरकारी एजेंसियों के साथ मिलर्स की खरीद भी शामिल है।
पिछले साल से काफी पीछे खरीद
पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 6408 एमटी धान की खरीद हो चुकी थी जबकि इस बार अब तक खरीद का आंकड़ा केवल 167 एमटी है। इस सीजन में खरीद की रफ्तार फिलहाल काफी धीमी है।
सोमवार तक 15 और मिलर्स के आवेदन पूरे होने की उम्मीद
धान खरीद में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए मिलर्स के पंजीकरण की प्रक्रिया तेज की गई है। पहले दिन जिले की अनाज मंडी में तीन मिलर्स का पंजीकरण होने के बाद नरवाना में खरीद की गति बढ़ी। शनिवार तक 11 मिलर्स का पंजीकरण पूरा हो चुका है। अब 15 मिलर्स के आवेदन सोमवार तक पूरे करवाने की प्रक्रिया चल रही है।
-राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक।