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दो दिन में मिले 450 कोरोना संक्रमित, अप्रैल ने आठ महीने का रिकार्ड तोड़ा

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लोगों के सैंपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद - फोटो : Jind
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कोरोना संक्रमण अप्रैल महीने में रुकने का नाम नहीं ले रहा है। 13 और 14 अप्रैल को दो दिन में 450 मामले सामने आ चुके हैं। दो दिन ने ही पिछले आठ महीने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अप्रैल महीने के 14 दिनों में संक्रमण के 1331 मामले सामने आ चुके हैं। एक-दो दिन में ही अब सितंबर महीने का भी रिकॉर्ड टूटने वाला है। सितंबर महीने में 1371 संक्रमण के मामले सामने आए थे।
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आरटीपीसीआर लैब के प्रभारी डॉ. जेके मान ने बताया कि अप्रैल में संक्रमण की जो गति है, उससे लग रहा है कि इस महीने में 2500 का आंकड़ा पार हो जाएगा। अप्रैल महीने में औसतन 95 मामले प्रतिदिन आ रहे हैं। लोगों ने यदि सावधानी नहीं बरती तो यह आंकड़ा और अधिक हो सकता है। इसलिए लोगों को अब पूरी तरह से सावधान होना होगा।
मंगलवार को संक्रमण के 179 तथा बुधवार को 271 मामले आए हैं। इनमें आईटीआई के दो स्टाफ सदस्य समेत 14 विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा सफीदों गेट निवासी एक ही परिवार के पांच लोग, अर्बन इस्टेट के एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं। पूरे शहर में संक्रमण के मामले सामने आए हैं। जींद शहर में अकेले 187 मामले हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चार कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को घर से निकलते ही मास्क लगाना जरूरी है। जिस भी घर के सदस्य को खांसी, जुकाम या बुखार है, उसे कमरे में अलग से रखना चाहिए।
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अब तक संक्रमण का आंकड़ा
जिले में अब तक 7244 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 6099 लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि 102 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय अब तक के सबसे अधिक 1043 लोग संक्रमित हैं। यह डाटा अब तक सबसे अधिक है। नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भी 75 लोग दाखिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को 204 लोगों के सैंपल लिए हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग 203284 लोगों के सैंपल ले चुका है।
अप्रैल का रिकॉर्ड
अप्रैल महीने में सबसे अधिक संक्रमण के मामले बुधवार को 271 आए हैं। इससे पहले मंगलवार को 179, नौ अप्रैल को 146, सात अप्रैल को 109 मामले आए हैं। इतने अधिक एक दिन में मामले किसी भी अन्य महीने में नहीं आए। सितंबर महीने में कोरोना संक्रमण पीक पर था। लेकिन उस समय भी एक दिन में सबसे अधिक 81 मामले सामने आए थे।
संक्रमण की जो रफ्तार इस समय चल रही है, वह लोगों की लापरवाही के कारण है। यदि लोग सावधानी बरतें तो बढ़ते संक्रमण पर अंकुश लगाया जा सकता है। हर व्यक्ति को चाहे वह घर में भी हो, मास्क लगाना जरूरी हो गया है। यदि जरूरी नहीं हो तो घर से बाहर नहीं निकलें।
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डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन
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