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नए साल के लिए प्लानिंग 2018 में जींद जिला को मिली विकास की गति

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जींद को मिली विकास की गति
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। 52 साल पहले हरियाणा राज्य अस्तित्व में आया। राज्य के साथ ही जींद जिला भी बना और तब से लेकर अबतक निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। इसी कड़ी में वर्ष 2018 जींद जिला के लिए बेहद खास रहा। जिले को कई ऐसी विकास परियोजनाएं मिलीं, जिनका वर्षों से इंतजार था। यह परियोजनाएं 2018 में पूरी हो गई हैं। इसके तहत सबसे बड़ी सौगात जींद शहर को पानीपत रेलवे लाइन पर बने अंडरपास की है। इसके कारण शहर के लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं सफीदों, नरवाना, उचाना, जुलाना में भी कई विकास परियोजनाएं शुरू हुई हैं।
परियोजनाओं का विवरण
रेलवे अंडरपास
जींद-पानीपत रेलवे लाइन पर बना अंडरपास शहर के लोगों के लिए बेहद खास है। करीब आठ साल पहले शुरू हुए जींद के मिनी बाईपास का रास्ता रेलवे लाइन के चलते शुरू नहीं हो पा रहा था। इस परियोजना पर दो साल पहले काम शुरू हुआ था। अब यह अंडर पास बनकर तैयार है। हालांकि इसका औपचारिक रूप से उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन लोगों को सुगम रास्ता मिल गया है। अंडरपास के शुरू होने से नरवाना रोड, कैथल रोड, सफीदों रोड, बस स्टैंड, गोहाना रोड सीधे रोहतक, भिवानी व हांसी रोड से जुड़ गए हैं। इससे पहले लोगों को शहर के अंदर से आना-जाना पड़ता था और जाम की स्थित रहती थी।
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खेल स्टेडियम
खिलाड़ियों को मिला नया स्टेडियम
सफीदों रोड पर बना खेल स्टेडियम वर्ष 2018 में जींद के खिलाड़ियों को मिल गया। हालांकि स्टेडियम पिछले करीब दो साल से बनकर तैयार था, लेकिन इसे खिलाड़ियों के लिए नहीं खोला जा रहा था। 2018 में जींद के खिलाड़ियों को यह सौगात मिल गई है।
जिमखाना क्लब
महिला थाना के पास बना हुडा जिमखाना क्लब इस साल लोगों को मिल गया है। हालांकि जिमखाना क्लब पिछले कुछ समय से बनकर तैयार है, पर इस साल प्रशासन ने इसे पार्टी कार्यक्रमों के लिए शुरू कर दिया है।
पशु पॉली क्लीनिक
सफीदों रोड पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बने पशु पॉली क्लीनिक में वर्ष 2018 में आधुनिक मशीन और उपकरण लगाए गए। इससे जिलाभर के पशुपालकों को काफी लाभ होगा। जींद के पशु पॉली क्लीनिक में अब पशुओं का ऑपरेशन भी किया जा सकेगा।
रेलवे विद्युतीकरण
दिल्ली-बठिंडा रेलवे सेक्शन पर रोहतक से जींद तक की रेलवे लाइन का विद्युतीकरण 2018 में पूरा हुआ। इस रेलवे लाइन पर इलेक्ट्रिक टेनोें का ट्रायल हो चुका है। जल्द ही इस पर यात्री इलेक्ट्रिक ट्रेनें चल सकेंगी।
उचाना को मिला उपमंडल का दर्जा
वर्ष 2018 उचाना के लिए बेहद खास रहा। साल की शुरुआत में उचाना को उपमंडल का दर्जा मिला। उपमंडल बनने से जो प्रशासनिक कार्य करवाने के लिए लोगों को नरवाना जान पड़ता था था, वही काम अब उचाना में होंगे।
विस्तार मंडी
उचाना में किसानों की सुविधा के लिए विस्तार मंडी का निर्माण किया गया। इससे क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ होगा। पहले उचाना कस्बे के बीचोंबीच बनी मंडी किसानों के लिए छोटी पड़ रही थी। ऐसे में अब दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे पर साढ़े 82 एकड़ में विस्तार मंडी का निर्माण किया गया। इस पर 18 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
मिली पेयजल सुविधा
उचाना के 14 गांवों को पीने का पानी सिरसा ब्रांच नहर से पाइप लाइन के माध्यम से दिलाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब 21 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। पाइप लाइन से जलघरों में सीधा नहर का पानी आने से 14 गांवों में पीने के पानी की किल्लत खत्म हुई।
केंद्रीय विद्यालय की सौगात
शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए जिले का पहला केंद्रीय विद्यालय उचाना के बुडायन में मंजूर हुआ 2018 में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसका शिलान्यास किया। यहां पर बिल्डिंग निर्माण का कार्य तेजी से हो रहा है। इसके निर्माण पर 15 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। 2019 में मई तक बिल्डिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। इस समय केंद्रीय विद्यालय बुडायन की कक्षाएं बीरेंद्र सिंह कॉलेज ऑफ नर्सिंग की बिल्डिंग में चल रही हैं। केंद्रीय विद्यालय बनने से क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के गांवों को इसका फायदा मिलेगा।
नागरिक अस्पताल
उचाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को नागरिक अस्पताल का दर्जा मिला। इससे उचाना क्षेत्र में चिकित्सा सेवाएं बेहतर होंगी। पहले यहां 20 बेड की सुविधा थी, जो अब 50 की हो गई है। अब यहां पर नए सिरे से अस्पताल की चार मंजिला बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है। उपमंडल कार्यालय के पास बन रही अस्पताल की बिल्डिंग सहित अन्य सुविधाओं पर 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सफीदों को मिला महिला कॉलेज
2018 में सफीदों को 16 करोड़ रुपये की लागत से बने महिला कॉलेज की बिल्डिंग नहीं बनने से छात्राओं को अस्थायी राजकीय कन्या स्कूल मेें ही जगह दी गई थी। इसे क्षेत्र में महिला शिक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।
ट्रीटमेंट प्लांट
सफीदों के गांव रामपुरा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इसमें सीवरेज के माध्यम से शहर के सभी वार्डों के गंदे पानी को ट्रीट कर प्लांट तक पहुंचाया गया। इस नौ एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट को आठ करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। जिसका उद्घाटन 26 मई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा किया गया।
दही उत्पादन में मिली पहचान
जींद के वीटा मिल्क प्लांट में इस वर्ष दही के आटोमेटिक प्लांट की बड़ी की सौगात मिली। अब इस प्लांट से रोहतक और सिरसा में दही की कमी होने पर भेजी जाती है। प्रदेश में अब जींद दही हब के रूप में भी जाने जाना लगा है। वीटा के प्रदेश में छह प्लांट हैं। जींद में दही का सबसे आधुनिक प्लांट लगाया गया है।
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जुलाना में साढे़ चार करोड़ से बना रेस्ट हाउस
जुलाना में जलघर के साथ रेस्ट हाउस बनाया गया है। जिस पर साढ़े चार करोड़ की लागत आई है। वर्ष 2018 में जुलाना में कई परियोजनाओं पर काम करते हुए सरकार ने पूरा करने का काम किया है। 23 मई 2016 में जुलाना में पहुंचे सीएम मनोहर लाल ने लगभग 100 करोड़ की घोषणाएं की थी। उनमें से रेस्ट हाउस भी एक था जिस पर लगभग साढे़ चार करोड़ की लागत आई। रेस्ट हाउस का काम पूरा किया जा चुका है।
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