अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले के साधारण किसान परिवारों की दो बेटियों ने भारत को वर्ल्ड सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में ट्रॉफी दिलवाई है। यह पहला मौका है जब भारत को इस प्रतियोगिता में ट्रॉफी मिली है। इससे दोनों ही बेटियों के परिवारों व गांवों में खुशी का माहौल है। क्रोएशिया में आयोजित वर्ल्ड सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में भारत की टीम में चाबरी गांव निवासी मीनाक्षी व निडानी गांव निवासी अंशु मलिक ने भाग लिया। प्रतियोगिता में भारत ने छह मेडल जीत कर भारत को दूसरे नंबर पर पहुंचाया और ट्रॉफी दिलवाई। मीनाक्षी ने रजत व अंशु ने कांस्य पदक जीता।
खेत ठेके पर देकर बेटियों के खेल पर ध्यान दे रहे पिता प्रेम
मीनाक्षी के पिता प्रेम महज तीन एकड़ के किसान हैं और उनकी तीन बेटियां व एक बेटा है। बड़ी बेटी ज्योति पहले खेलती थी और छोटी बेटी मीनाक्षी, उससे छोटी अंजलि व बेटा सचिन तीनों ही कुश्ती करते हैं। प्रेम ने बताया कि उनका पूरा ध्यान बच्चों के खेल पर रहता है। जहां भी प्रतियोगिता होती है, वह साथ जाते हैं। इसलिए उन्होंने अपने खेत भी ठेके पर दे दिए हैं। वहीं मां ने बताया कि मीनाक्षी दो जुलाई को गई थी। इस दौरान वह घर से गूंद के लड्डु व देसी घी लेकर गई थी। दूसरी ओर अंशु मलिक के पिता धर्मवीर भी छह एकड़ के साधारण किसान हैं। धर्मवीर ने बताया कि उन्होंने हमेशा ही बेटी को पूरा मौका दिया और उनकी बेटी 17 साल में ही सात अंतरराष्ट्रीय मेडल जीत चुकी है। अंशु मलिक का छोटा भाई भी पहलवान है। धर्मवीर के अनुसार अंशु अपने साथ घी के साथ-साथ चूरमा भी लेकर गई थी।
आज घर पहुंचेंगी बेटियां
अंशु मलिक के पिता धर्मवीर ने बताया कि क्रोएशिया से दोनों ही बेटियां रविवार को दिल्ली पहुंचेंगी और इसके बाद देर शाम तक घर पहुंचेंगी। गांव में व उनके खेल स्कूल में बेटियों का भव्य स्वागत किया जाएगा।