अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सांसद निधि कोष से होने वाले विकास कार्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ रहे हैं। आलम यह है कि सांसद दुष्यंत चौटाला द्वारा जारी किए दो करोड़ 73 लाख रुपये में से एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए अधिकारी एस्टेमेट ही नहीं बना पाए हैं। इसको लेकर सांसद ने वीरवार को अधिकारियों की मीटिंग ली। सांसद ने कहा कि या तो जारी राशि से अधिकारी काम करवाएं, या फिर ब्याज सहित राशि लौटाएं। इस पर डीसी अमित खत्री ने एक सप्ताह में काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया है।
वीरवार को सांसद निधि कोष से हुए विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सांसद दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों की मीटिंग बुलाई। इस दौरान प्रगति रिपोर्ट के नाम पर अधिकारी कुछ भी नहीं बता पाए। दुष्यंत ने कहा कि उचाना हलके के लिए सांसद निधि कोष से दो करोड़ 73 लाख से अधिक राशि जारी कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि एक करोड़ रुपये के काम पेंडिंग क्यों हैं। राशि कई महीनों से बिना खर्च किए ही पड़ी हैं।
अपना काम 20 दिन में, जनता का 20 महीने में भी नहीं
दुष्यंत ने कहा कि जिला प्रशासनिक स्तर पर स्थापित होने वाली ई-लाइब्रेरी स्थापित करने में तो अधिकारियों ने कोई देरी नहीं दिखाई। सांसद निधि से चार लाख 95 हजार रुपये जारी होने के 20 दिन के भीतर एस्टीमेट तैयार कर इसे सिरे चढ़ा दिया, जबकि जनता का काम होता है तो उसका एस्टीमेट अधिकारी 20 माह में भी तैयार नहीं करते।
पार्क की साइट बदलने पर भड़के सांसद
मीटिंग के दौरान सांसद दुष्यंत ने उचाना में बनने वाले लाजपतराय पार्क के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि इसकी साइट बदल दी गई है। इस पर सांसद ने पूछा कि साइट बदलने के लिए किसकी अनुमति ली गई। अधिकारी इसका जवाब नहीं दे पाए।
सांसद बोले मैं सिखाता हूं एस्टीमेट बनाना
समीक्षा मीटिंग के दौरान सांसद ने 18 गांवों में पानी के टैंकर देने के लिए की गई घोषणा के दस महीने बाद भी एस्टीमेट तैयार नहीं किया गया है। इस पर अधिकारियों की बहानेबाजी सुनकर सांसद ने कहा कि मैं एस्टीमेट बनाना सिखाऊंगा।
ब्याज सहित लूंगा राशि
इस दौरान काब्रछा गांव में सांसद निधि कोष से विकास कार्य के लिए जुलाई 2016 में जारी किए गए एक लाख रुपये की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इसका एस्टीमेट तैयार नहीं किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इस राशि से काम नहीं हो सकता। इस पर सांसद ने पूछा कि इसका एस्टीमेट विभाग ने बनाया था तो अब इसमें क्या दिक्कत है। सांसद ने कहा कि या तो जारी राशि में काम पूरा करो, या ब्याज सहित राशि सरकारी खाते में जमा करवाओ। इसी प्रकार गांव खापड़ में अंबेडकर भवन के सांसद निधि कोष से दिए गए एक लाख 50 हजार रुपये अधिकारी लौटाने लगे तो सांसद ने कहा कि ब्याज सहित लूंगा सारी राशि।
जिला परिषद की चेयरपर्सन को मीटिंग के बाहर रोका
जिस समय सांसद दुष्यंत मीटिंग ले रहे थे, तभी जिला परिषद की चेयरपर्सन पद्मा सिंगला भी डीसी ऑफिस पहुंचीं। यहां मीटिंग हॉल के गेट पर ही उन्हें रोक लिया गया। ऐसे में उन्हें डीसी को देने के लिए पर्ची दी गई, लेकिन पद्मा सिंगला ने कहा कि वे पर्ची देंगी और अंदर चली गईं।
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जिला परिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव के साढ़े चार महीने बाद भी दस करोड़ के विकास कार्यों को स्वीकृति का इंतजार
जींद। जिला परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव के साढ़े चार महीने बाद भी ग्रांट खर्च को मंजूरी नहीं मिली है। इस पर चेयरपर्सन पद्मा सिंगला और पार्षदों ने प्रशासन पर जानबूझ कर ग्रांट को लटकाने का आरोप लगाया है। इसको लेकर पद्मा और अन्य पार्षदों ने जिला परिषद के सीईओ मनदीप कुमार को ज्ञापन भी सौंपा। पार्षदों ने कहा कि यदि शुक्रवार तक प्रशासन ने ग्रांट खर्च करने की अनुमति नहीं दी तो सोमवार से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इसको लेकर पद्मा सिंगला ने अपने कार्यालय में पार्षदों के साथ मीटिंग की। पार्षदों ने कहा कि उनका करीब आधा कार्यकाल पूरा होने वाला है और अभी तक जिले में कई पार्षद ऐसे हैं, जिनके वार्ड में एक भी पैसा नहीं खर्च हुआ है। पार्षदों ने कहा कि अधिकारी सरकार के इशारे पर जिले का विकास बाधित कर रहे हैं। पद्मा ने कहा कि इसको लेकर बार-बार अधिकारियों को बोला जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पद्मा सिंगला ने कहा कि 24 जनवरी को हुई मीटिंग में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की ग्रांट खर्च करने को लेकर पार्षदों ने प्रस्ताव पास किया था। इस पर हर वार्ड में करीब 30 से 35 लाख रुपये खर्च करने की योजना बनी। सिंगला ने कहा कि इसके लिए सभी वार्डों में होने वाले कामों की सूची भी प्रशासन को भेज दी गई, लेकिन इसके बावजूद ग्रांट खर्च नहीं की जा रही है।
एक फरवरी को भेजी कामों की सूची
चेयरपर्सन पद्मा सिंगला ने बताया कि 24 जनवरी को मीटिंग होने के बाद एक फरवरी को जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी कार्यालय में उन कामों की सूची भेजी गई, जो जिले में होने हैं। चार महीने बाद भी सीईओ द्वारा इसे स्वीकृति नहीं दी गई है।
जल्द होगी कार्रवाई
जिला परिषद से कामों की सूची मिल गई है। इन पर काम किया जा रहा है। पूरे निरीक्षण के बाद दो-तीन दिन में स्वीकृति दे दी जाएगी। यह तकनीकी काम होते हैं। इसके चलते देर लग जाती है।
-मनदीप कुमार, सीईओ, जिला परिषद, जींद।
उपचुनाव में भाजपा के अहंकार की हार : दुष्यंत
उचाना। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा को मिली हार आने वाले लोकसभा चुनाव में लोगों के मूड़ को बता रही है। चुनाव में मतदाताओं ने भाजपा के अहंकार को हराने का काम किया है। किसान सेवा केंद्र में बसपा, इनेलो कार्यकर्ताओं की बैठक में दुष्यंत ने कहा कि जब से इनेलो-बसपा का गठबंधन हुआ है तब से कांग्रेस, भाजपा नेताओं की नींद उड़ गई है। दोनों पार्टियों के नेता सिर्फ गठबंधन को लेकर ही बयानबाजी करते नजर आ रहे हैं। यह तय है कि आने वाले विस चुनाव में प्रदेश में गठबंधन की सरकार होगी। यह गठबंधन डॉ. भीमराव आंबेडकर, स्व. देवीलाल, कांशी राम की सोच वाला गठबंधन है।