मांगों को लेकर सड़क पर उतरे कर्मचारी और मजदूर संगठन
1988 लोगों ने दी गिरफ्तारी, प्रशासन की ओर से मुहैया बसें पड़ी कम, प्रदर्शनकारी पैदल ही गिरफ्तारी देने पुलिस लाइन पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
सरकार की नीतियों के खिलाफ व मांगों को लेकर जिला भर के कर्मचारी संगठनों और ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मंगलवार को जेल भरो आंदोलन किया गया। इस दौरान 1988 लोगों ने पुलिस लाइन पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी दी। इसके बाद सभी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने जमानत पर रिहा कर दिया। जेल भरो आंदोलन के दौरान लघुसचिवालय के बाहर करीब आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
सर्वकर्मचारी संघ, कर्मचारी महासंघ, सीटू, एसएफआई, डीवाईएफआई और कई अन्य संगठनों के कार्यकर्ता रानी तालाब स्थित नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। यहां सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड सुरेंद्र मालिक ने कहा कि देश एवं प्रदेश में भाजपा सरकारों द्वारा लोगों के जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किए जा रहे बदलाव मजदूर विरोधी हैं। इनके विरोध में ही जेल भरो आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लाखों नौजवानों को रोजगार का वायदा करके सत्ता तक पहुंचने वाली भाजपा सरकार अब रोजगार की मांग को लेकर हो रहे आंदोलनों को पुलिस के दम पर दबाने की कोशिश कर रही है। सरकार लोगों की जिंदगी से जुड़े मुद्दों पर बात करने की बजाए सरस्वती, गीता, गाय जैसे सवालों पर लोगों को लड़वा रही है। लोगों की मेहनत की कमाई को पानी की तरह बहाया जा रहा है, जिसके खिलाफ जनता में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सरकारी विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं, लेकिन पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार लगातार निजीकरण, ठेका प्रथा, सक्षम के नाम पर प्रदेश में नौजवानों के साथ भद्दा मजाक कर रही है।
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लगा रहा जाम
नेहरू पार्क से प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए लघुसचिवालय पहुंचे। इस दौरान गोहाना रोड पर जाम लग गया। हालांकि प्रशासन ने गोहाना रोड पर ही गिरफ्तारी के लिए बस लगाई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी लघुसचिवालय की ओर मुड़ गए। इसके बाद पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही डेरा डाल लिया। कुछ देर के बाद प्रदर्शनकारी बसों में बैठने लगे।
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कम पड़ी बसें, पैदल पहुंचे पुलिसलाइन
गिरफ्तार होने वाले लोगों को पुलिसलाइन में एकत्रित किया गया। पुलिस द्वारा यहां रोडवेज व पुलिस की कुल आठ बसों का इंतजाम किया गया था। गिरफ्तारी देने वालों की संख्या अधिक होने के कारण लोग पैदल चलकर ही पुलिस लाइन पहुंचे।
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पुलिस कर्मचारी ने पूछी जाति, नेता बोले कर्मचारी
पुलिस लाइन में जिस समय प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की प्रकिया चल रही थी, तभी ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर्स यूनियन के प्रदेश वित्त सचिव सुरेश राठी ने भी अपनी गिरफ्तारी दी। इस दौरान पुलिसकर्मी ने उनकी जाति पूछी तो उन्होंने कहा कि कर्मचारी। इस पर कर्मचारी ने कई बार जाति पूछी, उन्होंने हर बार कर्मचारी ही जवाब दिया। ऐसे में पुलिसकर्मी ने कहा कि जाति तो बतानी पड़ेगी।
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लगाई 15 टेबल
कर्मचारियों की गिरफ्तारी की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस लाइन में 15 टेबल लगाकर कर्मचारियों को गिरफ्तारी की प्रक्रिया में लगाया। इसके बावजूद करीब दो घंटे में यह प्रक्रिया पूरी हो सकी।
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प्रदर्शनकारियों की मांगें
-महंगाई पर रोक लगाई जाए व सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली को मजबूत किया जाए।
- बेरोजगारी खत्म कर सभी को स्थाई नौकरी दी जाए।
- श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलावों को वापस लिया जाए।
- सभी को सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
-बैंक, बीमा, रेलवे, रक्षा में एफडीआई पर रोक लगाई जाए।
-18 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन का प्रबंध किया जाए।
-सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
-ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगा कर समान काम समान वेतन लागू किया जाए।
- आशा वर्कर, मिड-डे-मील, आंगनवाडी वर्करों को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
-श्रम कल्याण बोर्ड से निर्माण मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं पर लगाई गयी शर्तों को खत्म किया जाए।
-सभी गांवों में मनरेगा का काम शुरू किया जाए व 200 दिन काम और 600 रूपये मजदूरी का हो।
-बोनस-ग्रेच्यूटी पर लगाई गई शर्तों को वापस लिया जाए।
-किसानों को फसलों के लाभकारी मूल्य दिया जाए।