अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
कई माह से लघु सचिवालय के बाहर धरना दे रहे अनुसूचित जाति ए महापंयात ने वीरवार को समाज की बेटियों को साथ लेकर प्रदर्शन किया। एससी ए के लोगों को जींद से रोहतक तक पैदल यात्रा के दौरान किलाजफरगढ़ के पास पुलिस बल ने रोक लिया था। इस दौरान पुलिस प्रशासन 34 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इस मामले में एससी वर्ग के लोग एसडीएम से मिले। एससी-ए लोगों ने पुलिस प्रशासन पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। वहीं, एसडीएम अश्वनी मलिक ने मौके पर ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार को फोन कर पूरे मामले की जानकारी मांगी।
एसएसी-ए वर्ग कार्यकर्ता अंजना अठवाल ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से रोहतक की ओर जा रहे थे। जुलाना क्षेत्र के गांव किलाजफरगढ़ के पास पुलिस बल ने हमें रोक लिया। पुलिस प्रशासन ने समाज के लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को काले झंडे दिखाने के झूठे आरोप में लोगों को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और महिलाओं व बेटियों को सुनसान खेतों में छोड़ गए। अंजना अठवाल ने मांग की है कि दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एसडीएम अश्वनी मलिक से कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाएगा और दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एससी-ए लोगों ने पुलिस प्रशासन पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पूरे मामले की जांच की जाएगी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
अश्वनी मलिक, एसडीएम जींद
पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई की मांग
एससी-ए वर्ग के लोगों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, कहा- समाज के लोगों को किया जाए रिहा