जिले में आगामी 18 सितंबर से राष्ट्रीय कृमि नाशक दिवस की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान जिला के 3.45 लाख बच्चों को कृमि नाशक दवाई खिलाई जाएगी। इसके लिए शुक्रवार को उपायुक्त मोनिका गुप्ता की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्य योजना तैयार की गई।
उपायुक्त ने बताया कि कृमि नाशक दिवस के तहत एक साल से 19 साल तक के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों एवं दूसरे शिक्षा संस्थानों के सभी लाभार्थियों को कृमि नाशक दवाई खिलाई जाएगी। जो लाभार्थी 18 सितंबर को गोली खाने से वंचित रह जाएंगे, उनको 24 सितंबर को खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत 345395 बच्चों को यह दवा दी जाएगी। इसके अलावा 18 से 24 वर्ष की उन महिलाओं को भी यह दवा दी जाएगी, जिनमें खून की कमी है। इस अभियान में गर्भवती तथा स्तनपान करने वाली महिलाओं को यह दवा नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह आपसी समन्वय स्थापित करते हुए इस अभियान को कामयाब बनाएं। इस अवसर पर उप सिविल सर्जन डाॅ. विजय यादव व मनीष यादव, जिला शिक्षा अधिकारी संतोष चौहान, डीईईओ सुभाष सांवरिया के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बच्चों को खाने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोने की आदत डालें
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बच्चों के पेट में कीड़े होने से उनका शारीरिक विकास रुकता है, कमजोर रहते हैं तथा खून की कमी होती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे इससे बचाव के लिए बच्चों को खाने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोने की आदत डालें। उनके नाखून कटे हुए और साफ रहने चाहिए। हमेशा साफ पानी पीना चाहिए, खाने को ढक कर रखना चाहिए, अपने आसपास साफ सफाई रखनी चाहिए, पैरों में जूते पहनने चाहिए।
कोई परेशानी आए तो 108 नंबर पर करें डायल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यह टैबलेट लेने के बाद बच्चों को कुछ शारीरिक परेशानी हो तो इससे बिल्कुल भी ना घबराएं। ऐसे में तुरंत बच्चे को छाया में लेटा दें तथा उसे पानी दें। इसके बाद भी अगर कोई परेशानी हो तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 108 पर डायल कर सकते हैं। इस दौरान मोबाइल हेल्थ टीम तुरंत रिस्पांस देगी।