जींद। महेंद्रगढ़ में हुए बीसी सम्मान समारोह में गांव-गांव से लोगों को ले जाने के लिए रोडवेज की 33 बसों का सहारा लिया गया। इन बसों से लोगों को महेंद्रगढ़ ले जाया गया। हालांकि प्रशासन ने डिपो से 70-80 बसों की डिमांड की थी, लेकिन डिपो ने 42 मुहैया करवाई। इन बसों को गांव-गांव से लोगों को लाने के लिए भेजा गया, लेकिन 33 में लोगों को महेंद्रगढ़ रवाना किया गया। नौ बसों को कोई भी यात्री नहीं मिला, जिससे वह लौट आईं। इन बसों को महेंद्रगढ़ भेजने के लिए ग्रामीण तथा लोकल रूट से हटाया गया था। इससे इन रूट पर बसों के नहीं मिलने से यात्री परेशान रहे। रूट पर जाने के लिए काफी समय के बाद बस मिली। मिली भी तो यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया। इन बसों को सुबह ही रैली में ले जाने के लिए गांव-गांव भेज दिया गया था, जबकि बस अड्डे पर यात्री बसों का इंतजार करते रहे। रोडवेज की बसें जींद, अहिरका, झांझ, मनोहरपुर, ईक्कस, जाजवान, रूपगढ़, आश्रम बस्ती, बुढ़ाबाबा बस्ती, शिव कॉलोनी, जुलाना, संगतपुरा, देवरड़, घिमाना, किनाना, रामगढ़, आसन, पोली, लिजवाना, पड़ाना, रायचंदवाला, छात्तर, उचाना कलां, खांडा, शाहपुर समेत अन्य गांवों में भेजी गई थीं, लेकिन नौ बसें सवारी नहीं मिलने के कारण लौट आईं। चालक-परिचालकों ने लोगों को महेंद्रगढ़ ले जाने के लिए इंतजार करते रहे, लेकिन लोग नहीं आए। इसके बाद वे लौट आए।
पानीपत, हिसार, भिवानी रूट पर नहीं मिलीं बसें
यात्रियों को पानीपत, हिसार, भिवानी और कैथल रूट पर जाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी, क्योंकि इन रूटों पर यात्रियों को बसें नहीं मिलीं। यात्री भूपेंद्र, शिवराम, लवकेश, रूपेंद्र, रूबीना, कमलेश, सोहनलाल, मुकेश और सतबीर का कहना था कि मंगलवार को वह बस अड्डे पर करीब आधे घंटे से ज्यादा बैठे रहे, लेकिन बस नहीं आई। इन रूटों पर अधिकतर रोडवेज की बसें जाती हैं, जबकि उनके रूटों पर प्राइवेट वाहन भी नहीं जाते हैं। उन्हें घर जाने के लिए करीब 45 मिनट बाद बस मिली, जिसमें भीड़ होने के चलते सीट भी नहीं मिल पाई। उनका कहना था कि सरकार अपने फायदे के लिए आम जनता को परेशान कर रही है। जब सरकारी कार्यक्रम में बसें मंगवानी थी तो यात्रियों के लिए भी व्यवस्था करनी चाहिए थी।
सरकार कर रही सरकारी तंत्र का दुरुपयोग
अपने निजी फायदे के लिए सरकार रोडवेज बसों का दुरुपयोग कर रही है। सरकार ने बसों को रूटों पर हटाकर सरकारी कार्यक्रम में भेज दिया, इससे यात्रियों को समय पर बस नहीं मिली, जिससे उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकार को चाहिए कि यदि सरकारी कार्यक्रम में रोडवेज बस भिजवानी है तो यात्रियों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करे, जिससे यात्री परेशान न हों और वह अपने गंतव्य पर समय पर पहुंच जाएं। -संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
महेंद्रगढ़ में हुए कार्यक्रम में डिपो से 33 बसें भेजी गई हैं, जबकि डिपो ने 42 बसों की व्यवस्था की थी। प्रबंधन ने सभी रूटों पर रोडवेज बसों की व्यवस्था की हुई थी। किसी भी रूट पर यात्रियों को परेशान नहीं होने दिया गया। -राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।
16जेएनडी05-कैथल रूट की बस नहीं मिलने से पंचकूला जाने वाली बस में सवार होते यात्री। संवाद