फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

31 मार्च तक मिले 15 हजार किसानों के पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ के आवेदनों को ग्रिवांश कमेटी की हां का बनेगा इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
15 हजार किसानों के आवेदनों को शिकायत कमेटी की हां का इंतजार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिले में 28 फरवरी के बाद 31 मार्च तक जमा हुए लगभग 15 हजार किसान सम्मान निधि के आवेदनों को अब शिकायत कमेटी की हां का इंतजार है। इसके बाद ही किसानों के खाते में राशि डालने के लिए बनेगा। इस योजना के तहत जिले में 31 मार्च तक एक लाख 25 हजार आवेदन मिले थे। इनमें से एक लाख 10 हजार आवेदन 28 फरवरी से पहले और 15 हजार आवेदन मार्च में मिले हैं। मार्च में मिले इन आवेदनों को अब संबंधित तहसीलदार को भेजकर वेरीफाई करवाया जाएगा। तहसीलदार से वेरीफाई होने के बाद आवेदनों को डीआईसी भेजकर पोर्टल पर अपलोड करवाया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने सरकार के अंतिम बजट में किसान सम्मान निधि का प्रावधान किया था। इसमें उन किसानों को हर वर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी है। जो पांच एकड़ या इससे कम जमीन के मालिक हैं और जमीन पर खेती खुद करते हैं। पीएम की घोषणा के बाद जींद जिले में पांच एकड़ या इससे कम जमीन के मालिक किसानों की सूची राजस्व और कृषि विभाग ने तैयार की थी। 28 फरवरी तक इसकी अंतिम तिथि निर्धारित कर किसानों से आवेदन लिए गए तो जिले के एक लाख 10 हजार 436 किसानों ने अपने आवेदन कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवाए। इसके बाद विभाग के आदेशों के बाद एक महीने तक कृषि विभाग के अधिकारियों को हेल्प डेस्क लगाकर उन किसानों के आवेदन लेने के लिए कहा गया, जो किसी कारण अपना आवेदन जमा नहीं करवा पाए थे। उन किसानों से अपनी जमीन की फर्द, बैंक की कापी अपने आवेदन के साथ ली गई। इसके बाद 31 मार्च तक विभाग को ऐसे 15 हजार किसानों ने अपने आवेदन कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करवाए। अब विभाग के पास लगभग एक लाख 25 हजार किसानों के आवेदन आ चुके हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार 28 फरवरी तक मिले सभी आवेदनों को डीआईसी को भेज दिया गया था।
15 हजार आवेदनों को तहसीलदार से करवाया जाएगा वेरीफाई
28 फरवरी के बाद 31 मार्च तक कृषि विभाग को 15 हजार आवेदन और मिले हैं। इन आवेदनों को अब डीसी के आदेशों के अनुसार संबंधित एरिया के तहसीलदार को भेजकर वेरीफाई करवाया जाएगा। तहसीलदार द्वारा इन आवेदनों की जांच की जाएगी कि वे किसान सम्मान पेंशन स्कीम के हकदार हैं या नहीं। तहसीलदार द्वारा वेरीफाई होने के बाद शिकायत कमेटी को यह आवेदन भेजे जाएंगे। शिकायत कमेटी द्वारा ओके किए जाने के बाद ही इन आवेदनों को डीआईसी भेजकर पोर्टल पर ऑनलाइन करवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायत कमेटी से स्वीकृति मिलने के बाद मिलेगा लाभ
फिलहाल इस योजना को लेकर आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। जो आवेदन 31 मार्च तक हेल्प डेस्क पर मिले हैं, उन आवेदनों को तहसीलदार द्वारा वेरीफाई करवाने के बाद शिकायत कमेटी द्वारा चैक किए जाएंगे। शिकायत कमेटी की स्वीकृति जिन आवेदनों को मिलेगी, केवल वहीं किसान इस योजना के पात्र होंगे।
-- डॉ. अनिल नरवाल योजना नोडल अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें