अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कपड़े धोने का साबुन और पाउडर बनाने वाली करनाल की गिरधर खादी कंपनी की शिकायत पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से सर्च वारंट लेकर नियुक्त की गई स्पेशल लोकल कमिश्नर ने जींद पुलिस को साथ लेकर भिवानी रोड स्थित एक साबुन बनाने की फैक्टरी पर छापा मारा। गिरधर खादी कंपनी के संचालकों का आरोप है कि इस फैक्टरी में उनकी कंपनी के नाम से माल तैयार करके बाजार में बेचा जाता है। वहीं फैक्टरी के मालिक ने कहा कि वे दूसरे नाम से माल तैयार करते हैं। सर्च अभियान में मौके से रैपर से भरे 18 बैग बरामद हुए। इन रेपरों पर कहीं भी गिरधरी खादी नहीं लिखा था बल्कि इन पर लाडला खादी लिखा हुआ था। कमिश्नर अब यह रिपोर्ट पटियाला हाउस नई दिल्ली कोर्ट में पेश करेंगी।
गिरधर खादी कंपनी के मैनेजर अनिल गुप्ता ने कहा कि उन्हें गिरधर खादी के नाम से अपना ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड करवा रखा है। लगभग एक साल पहले इस प्रकार की शिकायतें मिल रही थीं कि जींद में उनकी कंपनी के नाम से डुप्लीकेट माल तैयार करके बेचा जा रहा है। इसके लिए उन्होंने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने इसके लिए अक्षिता सचदेव को स्पेशल लोकल कमिश्नर नियुक्त कर छापा मारने के आदेश जारी किए थे। सुबह लगभग नौ बजे अक्षिता सचदेव रोहतक रोड पुलिस के साथ भिवानी रोड पर चल रही साबुन बनाने की फैक्टरी पहुंचीं और यहां एक बजे तक सर्च अभियान चलाया। यहां रैपर से भरे 18 बैग को टीम ने कब्जे में लिया। बताया जा रहा है कि एक बैग में लगभग पांच हजार रैपर हैं। अक्षिता ने कहा कि वह रिपोर्ट न्यायालय में सौंपेंगी। फैक्टरी संचालक विरेंद्र कंसल ने कहा कि वे लाडला खादी के नाम से माल तैयार करते हैं। ऐसे में सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
रैपर पर लाडला बहुत छोटा लिखा है : गुप्ता
शिकायतकर्ता और गिरधर खादी कंपनी के मैनेजर अनिल गुप्ता ने कहा कि इस रैपर पर लाडला बहुत छोटा लिखा हुआ है जबकि खादी बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है। इसलिए यह ब्रांड खादी के नाम से मशहूर है। यह सब खादी के नाम से ही बेचा जा रहा था।